सुरेश जब बाजार में चलता है तो उसकी चाल में एक अलग ही नशा है। काओ उसके पीछे भागता रहता है लेकिन सुरेश का ध्यान कहीं और है। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में सुरेश का किरदार बहुत गहरा लगता है, जैसे वह कोई बड़ा राज छिपाए हुए हो। उसकी आंखें सब कुछ देख रही हैं।
जब उत्तर यू नरेश चिल्लाता है तो लगता है जैसे दीवारें भी कांप जाएं। सभी सेवक जमीन पर सिर झुकाए कांप रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ का यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण है। राजा की हरकतें पागलों जैसी हैं लेकिन यान वहीं खड़ी होकर सब देख रही है, यह दृश्य बहुत शक्तिशाली है।
काओ सुरेश के पीछे इस तरह भागता है जैसे उसकी जान उसी में अटकी हो। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में काओ का किरदार बहुत प्यारा है। वह सुरेश को समझाने की कोशिश करता है लेकिन सुरेश तो अपने ही ख्यालों में खोया हुआ है। काओ के चेहरे के भाव बहुत मजेदार हैं।
यान बिना कुछ बोले ही सब कुछ कह जाती है। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वह कमजोर नहीं है। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यान का किरदार बहुत प्रभावशाली है। राजा का गुस्सा उसके सामने फीका पड़ जाता है। वह सच में उत्तर यू की बड़ी राजकुमारी लगती है।
सुरेश के हाथ में वह पत्थर क्या राज छिपाए हुए है? वह उसे बार-बार देखता है जैसे उसमें कोई जादू हो। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यह रहस्य बहुत दिलचस्प लगता है। काओ उसे समझाने की कोशिश करता है लेकिन सुरेश का ध्यान उस पत्थर पर ही बना हुआ है।