इस शो में एक्शन दृश्य बहुत जबरदस्त हैं। जब गार्ड कमांडर ऊंची इमारत से कूदता है तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है। मैं आखरी त्राता हूँ में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि हीरो वाकई बेखौफ है। उसकी वर्दी और हुलिया देखकर ही रौब झलकता है। टीम के साथ उसका व्यवहार भी सख्त लेकिन दिल से है।
दो साथियों के बीच का इमोशनल सीन बहुत प्रभावशाली था। जब वे रो रही थीं और कमांडर ने उन्हें गले लगाया, तो लगा कि सब ठीक हो जाएगा। मैं आखरी त्राता हूँ की कहानी में यह भावनात्मक पल बहुत जरूरी था। युद्ध के बीच इंसानियत बची रहनी चाहिए। उनकी आंखों में आंसू देखकर दर्शक भी भावुक हो जाता है।
रात की अग्नि वाले सीन में सबकी खुशी देखकर अच्छा लगा। कमांडर अपने सैनिकों के साथ पेय पी रहा था, यह दिखाता है कि वह अकेला नहीं है। मैं आखरी त्राता हूँ में ऐसे पल टीम की एकता को दर्शाते हैं। लेकिन फिर लाल पोशाक वाली की एंट्री ने माहौल बदल दिया। अब क्या होगा यह देखना बाकी है।
लाल पोशाक वाली और वर्दी वाली के बीच की तनावपूर्ण नजरें देखने लायक थीं। जब वर्दी वाली ने वाइन पी ली तो लाल पोशाक वाली हैरान रह गई। मैं आखरी त्राता हूँ में यह प्रेम त्रिकोण या ईर्ष्या का संकेत हो सकता है। कमांडर शांत खड़ा रहा, उसकी चुप्पी सब कुछ कह रही थी। यह ड्रामा बहुत रोचक मोड़ ले रहा है।
शुरुआत में दो सैनिकों की बातचीत से ही लग गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। ग्रे बालों वाला कमांडर बहुत अनुभवी लगता है। मैं आखरी त्राता हूँ की पटकथा में हर किरदार की अपनी अहमियत है। शहर के खंडहर पृष्ठभूमि में कहानी को और गहरा बनाते हैं। विनाश के बीच भी उम्मीद की किरण दिखाई देती है। यह शो जरूर देखना चाहिए।
सैनिकों का अभिवादन और अनुशासन देखकर सम्मान बढ़ जाता है। हरे वर्दी वाले ने सलामी दी और कमांडर ने जिम्मेदारी संभाली। मैं आखरी त्राता हूँ में नेतृत्व की भावना को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। हर आदेश का पालन और हर जिम्मेदारी का बोझ कंधों पर है। यह केवल एक्शन नहीं बल्कि जिम्मेदारी की कहानी है।
युद्ध के बाद का माहौल बहुत भारी था। धूल और मलबे के बीच जब वे मिले तो राहत मिली। मैं आखरी त्राता हूँ में संघर्ष के बाद के पल अधिक प्रभावशाली होते हैं। वर्दी वालियों का हौसला भी कम नहीं है। वे डरी हुई थीं लेकिन फिर भी खड़ी रहीं। उनकी ताकत को सलाम है। यह कहानी दिल को छू लेती है।
रात के आसमान में तारे और नीचे आग का कुंड, यह दृश्य बहुत सुंदर था। सब लोग एक साथ थे, यह दिखाता है कि मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहना जरूरी है। मैं आखरी त्राता हूँ में ऐसे शांत पल शोर के बीच राहत देते हैं। कमांडर की आंखों में थकान थी लेकिन हौसला नहीं टूटा था। यह किरदार बहुत गहरा है।
लाल पोशाक वाली का आत्मविश्वास देखकर हैरानी हुई। वह सीधे कमांडर के पास गई और बात करने लगी। मैं आखरी त्राता हूँ में यह किरदार रहस्यमयी लग रहा है। क्या वह दुश्मन है या दोस्त। वर्दी वाली की नजरों में ईर्ष्या साफ दिख रही थी। यह टकराव आगे की कहानी को रोचक बना देगा। देखते रहिए।
कुल मिलाकर यह एनिमेटेड श्रृंखला बहुत प्रभावशाली है। पात्रों के चेहरे के भाव बहुत बारीकी से बनाए गए हैं। मैं आखरी त्राता हूँ में हर दृश्य में एक नया संदेश है। चाहे वह दोस्ती हो, प्यार हो या देशभक्ति। ऑनलाइन यह देखना एक अच्छा अनुभव रहा। आगे की कड़ी का बेसब्री से इंतजार है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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