जेल का माहौल बहुत डरावना है। जब वो नया कैदी अंदर आया तो सबकी नज़रें उस पर थीं। मुझे लगा कि ये साधारण कैदी नहीं है। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। मैं आखरी सेवियर हूँ में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। चित्रण शैली भी बहुत गहरी है। हर फ्रेम में तनाव साफ़ दिख रहा था। मुझे ये किरदार बहुत पसंद आया।
लड़ाई वाला सीन जबरदस्त था। एक खिलाफ कई लोग थे फिर भी वो अकेले सब पर भारी पड़ा। उसकी मुक्केबाजी में बहुत ताकत थी। कोई डर नहीं था उसके चेहरे पर। मैं आखरी सेवियर हूँ की लड़ाई की बनावट बहुत तेज़ है। जोरदार वार और मारपीट देखकर मज़ा आ गया। ये क्लिप बार बार देखने लायक है। सच में बहुत शानदार लग रहा है।
शुरू में जब वो ट्रक से उतरा तो लगा कोई बड़ा अफसर है। पर फिर जेल की कोठरी में बंद कर दिया। वहाँ के कैदी उसका मज़ाक उड़ा रहे थे। पर अंत में सबकी बोलती बंद हो गई। मैं आखरी सेवियर हूँ में ऐसे मोड़ बहुत अच्छे लगते हैं। धैर्य और ताकत का सही संतुलन दिखाया गया है। मुझे ये कहानी बहुत पसंद आई है।
चित्रण की गुणवत्ता देखकर हैरान रह गया। हर बारीक़ी बहुत ध्यान से बनाई गई है। पसीने और खून के निशान भी साफ़ दिख रहे थे। मैं आखरी सेवियर हूँ में दृश्य कहानी कहने का तरीका बहुत मज़बूत है। जब उसने अपने कपड़े ठीक किए तो लगा वो जीत गया है। ये दृश्य बहुत यादगार बन गया। मुझे ऐसे कार्यक्रम बहुत पसंद हैं।
जेल के अंदर का माहौल बहुत दमघोंटू था। पुराने कैदी नए वाले को डराने की कोशिश कर रहे थे। पर उन्हें नहीं पता था कि वो किससे पंगा ले रहे हैं। मैं आखरी सेवियर हूँ में ताकत का खेल बहुत अच्छा दिखाया गया है। जब वो गुस्से में आया तो सब डर गए। ये पल बहुत रोमांचक था। मुझे ये क्लिप बहुत भा गया।
उस लड़के की आँखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा था। जब उसने पहला वार किया तो सब हैरान रह गए। कोई भी उसका सामना नहीं कर पाया। मैं आखरी सेवियर हूँ में लड़ाई के दृश्य बहुत तेज़ रफ़्तार के हैं। हर मुक्के का असर स्क्रीन पर महसूस हुआ। ये कार्टून शैली मुझे बहुत पसंद आया। सच में बहुत बढ़िया काम है।
कहानी में बहुत रहस्य बना हुआ था। शुरू से अंत तक बस यही सोच रहे थे कि अब क्या होगा। जब उसने सबको हराया तो सुकून मिला। मैं आखरी सेवियर हूँ की पटकथा बहुत कसी हुई है। कोई फालतू संवाद नहीं था। बस संघर्ष और जज़्बात। मुझे ये सरल कहानी बहुत अच्छी लगी। ऐसे क्लिप देखने में मज़ा आता है।
जेलर और रक्षक का व्यवहार बहुत सख्त था। पर कैदियों के बीच का खेल कुछ और ही था। वहाँ ताकतवर ही राज करता है। मैं आखरी सेवियर हूँ में ये सच्चाई बहुत अच्छे से दिखाई गई है। जब वो अकेला खड़ा हुआ तो नायक लग रहा था। उसका व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली है। मुझे ये किरदार बहुत याद रहेगा।
लड़ाई के बाद वो शांत खड़ा था। उसे कोई पछतावा नहीं था। बस अपनी जीत पर गर्व था। मैं आखरी सेवियर हूँ में किरदार की गहराई बहुत अच्छी है। उसने बिना बोले सब कुछ कह दिया। ये खामोशी बहुत शोर मचा रही थी। मुझे ये दृश्य बहुत प्रभावशाली लगा। ऐसे कलाकार की तारीफ करनी चाहिए।
पूरा क्लिप देखकर बहुत जोश आ गया। संघर्ष से भरपूर ये कहानी दिल को छू गई। हर दृश्य में नया उत्साह था। मैं आखरी सेवियर हूँ जैसे कार्यक्रम देखकर समय बर्बाद नहीं होता। ये कला और मेहनत का नतीजा है। मुझे उम्मीद है कि आगे और भी दृश्य आएंगे। ये क्लिप सबसे बेहतरीन है।
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