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Underworld Ki Rani

Chhavi Verma koi aam khoi hui ameer beti nahi — woh Deepwater Port ki maalik, Blackwater Syndicate ki commander, aur Wall Street ki taqatwar trader hai. Uske saamne villain bhi neeche hain. Bulldozer se mansion gira, missile se yacht udda, playboy ki teen peedhi ki daulat teen minute mein khatam. Lokesh, underworld ka kathor baap, uske saamne ghutno par hai. Kya Chhavi apni pehchaan chhupa kar sabko haraayegi? Aur kya Lokesh ka pyaar uski takat ya kamzori banega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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चेक गिरते ही बदला माहौल

शुरुआत में ही जब वो चेक गिरता है तो समझ जाते हैं कि खेल बड़ा होने वाला है। काले सूट वाले शख्स की आँखों में जो गुस्सा था वो देखने लायक था। पूरा हॉल सन्न रह गया जब बंदूकें तान दी गईं। अंडरवर्ल्ड की रानी का ये प्रसंग रोंगटे खड़े कर देने वाला था। अमीरी और ताकत के बीच की ये जंग देखकर मज़ा आ गया। हर बारीकियों पर ध्यान दिया गया है। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत बढ़िया रहा।

गले से पकड़कर उठा लिया

जिस तरह से उसने दूसरे को गले से पकड़कर ऊपर उठा लिया, वो दृश्य सिनेमाई था। लगता नहीं था कि ये कोई आम झगड़ा है बल्कि किसी पुरानी दुश्मनी का बदला था। मेहमानों की घबराहट साफ़ दिख रही थी। अंडरवर्ल्ड की रानी में ऐसे मोड़ की उम्मीद नहीं थी। संघर्ष और नाटक का बेहतरीन मिश्रण है ये। अंत में वो महिला का कदम चेक पर रखना किसी चेतावनी से कम नहीं था।

महल जैसे कक्ष में खून खराबा

विलायती महल जैसे कक्ष में खून खराबा देखकर सबकी सांसें रुक गईं। सुरक्षा कर्मियों के आगमन ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया। मुख्य किरदार का ठहराव और गुस्सा दोनों ही लाजवाब थे। अंडरवर्ल्ड की रानी की कहानी में ये मोड़ बहुत अहम साबित होगा। ज़मीन पर गिरा हुआ शख्स अब क्या करेगा ये देखना बाकी है। दृश्य बहुत शानदार हैं।

काली साड़ी वाली महिला का राज

काली साड़ी वाली महिला का किरदार सबसे रहस्यमयी लगा। उसकी आँखों में न डर था न ही कोई पछतावा। जब उसने उस चेक को अपने एड़ी के नीचे रखा तो लग गया कि असली मालिक वही है। अंडरवर्ल्ड की रानी में महिला किरदारों को बहुत मज़बूती से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसी सामग्री मिलना सुकून देता है। लागत भी ऊंची लग रही थी।

नायक ने संभाली स्थिति

झगड़े की शुरुआत शांत तरीके से हुई लेकिन अंत खूनी हो सकता था। बंदूकें देखकर लगा कि अब सब खत्म हो गया। लेकिन जिस तरह से नायक ने स्थिति संभाली वो काबिले तारीफ है। अंडरवर्ल्ड की रानी के प्रशंसकों को ये प्रसंग बहुत पसंद आएगा। अभिनय में दम था और संवाद वितरण भी शानदार थी। हर दृश्य में एक नया रहस्य बना हुआ है।

पैसों की ताकत फेल

फर्श पर पड़ा हुआ चेक और उस पर पड़ा हुआ इंसान, ये तस्वीर बहुत गहरी थी। लगता है कि पैसों की ताकत यहाँ किसी काम नहीं आई। विशेष मेहमानों की घबराहट असली लग रही थी। अंडरवर्ल्ड की रानी की कथा बहुत पेचीदा होती जा रही है। निर्देशन और छायांकन दोनों ही स्तर पर ये निर्माण ऊँचा है। देखने वाले को बांधे रखता है।

इज़्ज़त का सवाल बन गया

गुस्से में जब वो चिल्लाया तो पूरा कक्ष गूंज उठा। विरोधी के चेहरे पर डर साफ़ झलक रहा था। ये सिर्फ़ एक लड़ाई नहीं बल्कि इज़्ज़त का सवाल बन गया था। अंडरवर्ल्ड की रानी में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल की धड़कन बढ़ा दें। कपड़ों से लेकर सजावट तक सब कुछ लग्जरी था। नेटशॉर्ट की गुणवत्ता हमेशा अच्छी रहती है।

बदले की आग और नई शुरुआत

अंत में जब वो ज़ख्मी हालत में ज़मीन पर था तो उसकी आँखों में बदले की आग थी। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई बल्कि नई शुरुआत हुई है। काले लिबास वाली लड़की के आगमन ने सबका ध्यान खींच लिया। अंडरवर्ल्ड की रानी का ये चरमोत्कर्ष सत्र का बेस्ट हो सकता है। ऐसे नाटक कम ही देखने को मिलते हैं। हर दृश्य में एक कहानी छिपी हुई है।

सत्ता समीकरण दिलचस्प

सुरक्षा कर्मियों की वर्दी और उनकी कार्यवाही तैयार स्थिति देखकर लग रहा था कि कोई बड़ी वारदात होने वाली है। नायक ने बिना हथियार के सबको काबू कर लिया। ये उसकी ताकत को दिखाता है। अंडरवर्ल्ड की रानी में सत्ता समीकरण बहुत दिलचस्प तरीके से दिखाए गए हैं। दर्शकगण के प्रतिक्रिया भी बहुत स्वाभाविक थे। पूरी फ़िल्म जैसे लग रहा था।

असली ताकत इरादों में

ये दृश्य बताता है कि रईसों की दुनिया में भी संघर्ष कितना खूनी हो सकता है। एक लाख का चेक कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गया। महिला का रवैया बहुत सख्त और ठंडा था। अंडरवर्ल्ड की रानी देखकर लगता है कि असली ताकत पैसों में नहीं इरादों में होती। नेटशॉर्ट पर वक्त बर्बाद नहीं होता। अगली कड़ी का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा।