इस दृश्य में सत्ता का खेल साफ दिखता है। काले कपड़े वाला बूढ़ा व्यक्ति अपनी गंभीर मुद्रा से सबको डरा रहा है, जबकि भूरे रंग का आदमी हंसते-हंसते अपनी चालाकी दिखा रहा है। बीच में खड़ा युवक और वह लड़की जो साधारण कपड़ों में है, उनकी आंखों में डर और गुस्सा दोनों साफ झलक रहे हैं। अजेय झाड़ूवाला साधु की कहानी में यह तनाव बहुत गहरा है। हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भाव हैं, जो बताते हैं कि यहाँ कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। दीवार पर लगे मुखौटे इस माहौल को और भी रहस्यमयी बना रहे हैं।