अजेय झाड़ूवाला साधु में गुरु और शिष्य के बीच का तनाव इतना गहरा है कि हर नज़र में कहानी छिपी है। बूढ़े गुरु की मुस्कान देखकर लगता है जैसे वो सब जानते हों, फिर भी चुप रहें। युवा शिष्य की आँखों में संदेह और सम्मान का मिश्रण देखकर दिल दहल जाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखते वक्त लगा जैसे मैं भी उस आंगन में खड़ी हूँ, हर सांस महसूस कर रही हूँ।