रेत के टीलों पर जीप का दौड़ना और अंदर बैठे लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें। सूट वाला आदमी और पीछे बैठा बूढ़ा व्यक्ति, दोनों के बीच कुछ अनकहा सा है। ड्राइवर महिला का चेहरा पत्थर जैसा सख्त है, मानो वह किसी बड़े खतरे की ओर बढ़ रहे हों। छिपा हुआ भेड़िया राजा के इस हिस्से में एक्शन और सस्पेंस का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है।
कैमरा जब उस लड़के के चेहरे पर जूम करता है, तो उसकी आंखों में डर और उत्सुकता दोनों साफ दिख रहे हैं। सामने खड़ा बाल्ड आदमी उसे घूर रहा है, जैसे उसकी आत्मा को पढ़ रहा हो। यह साइकोलॉजिकल वॉरफेयर किसी भी एक्शन सीन से ज्यादा इंटेंस है। छिपा हुआ भेड़िया राजा में ऐसे सीन्स ही दर्शकों को बांधे रखते हैं, जहां डायलॉग से ज्यादा खामोशी बोलती है।
जीप के पीछे बैठे उस बूढ़े आदमी के कपड़े और उसका अंदाज बिल्कुल अलग है। वह किसी और समय से आया हुआ लगता है। जब वह बात करता है, तो उसकी आवाज में एक अजीब सा वजन है। सूट वाले आदमी के साथ उसकी बहस यह संकेत देती है कि उनका मिशन बहुत खतरनाक है। छिपा हुआ भेड़िया राजा की कहानी में यह पात्र एक बड़ा रहस्य बनकर उभरा है।
वह विशाल हॉल और दीवारों पर बने भेड़ियों के निशान। यह जगह किसी साधारण स्कूल जैसी नहीं लगती, बल्कि किसी गुप्त संगठन का अड्डा लगती है। जब वह लड़का आगे बढ़ता है, तो पीछे खड़ी लड़की की चिंता साफ झलकती है। छिपा हुआ भेड़िया राजा के इस सेट डिजाइन ने मुझे पूरी तरह से अपनी दुनिया में खींच लिया है, हर कोना एक नई कहानी कहता है।
रेत के बीचों-बीच इतने फॉर्मल कपड़ों में बैठना ही बताता है कि यह आदमी कितना अलग है। उसकी बातचीत का तरीका और चेहरे के हाव-भाव बहुत ही नाटकीय हैं। वह ड्राइवर से बहस कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज में एक अजीब सी घबराहट भी है। छिपा हुआ भेड़िया राजा में इस किरदार का किरदार निभाने वाले एक्टर ने कमाल कर दिया है।