गुलाबी पोशाक पहने उस शख्स की मुस्कान में एक अजीब सी चालाकी है। वह जानबूझकर दूसरों को चिढ़ा रहा है, खासकर उस लड़की को जो बहुत परेशान लग रही है। नीलामी घर का यह माहौल किसी छिपा हुआ भेड़िया राजा के खेल जैसा लग रहा है जहाँ हर कोई अपनी चाल चल रहा है। उसकी हरकतें देखकर लगता है कि वह जीतने के लिए कुछ भी कर सकता है।
जब वह सुनहरे बालों वाली लड़की रोने लगती है और अपना चेहरा छिपा लेती है, तो दिल दहल जाता है। ऐसा लगता है जैसे उसने कुछ बहुत कीमती खो दिया हो। शायद यह नीलामी सिर्फ चीजों की नहीं, बल्कि जज्बातों की भी है। छिपा हुआ भेड़िया राजा की तरह यह कहानी भी धीरे-धीरे खुल रही है और हर किरदार का दर्द साफ दिख रहा है।
नीलामी करने वाली महिला का अंदाज बहुत प्रभावशाली है। वह हथौड़ा उठाती है तो लगता है कि अब फैसला होने वाला है। उसकी आवाज और हावभाव से लगता है कि वह इस खेल को अच्छे से जानती है। छिपा हुआ भेड़िया राजा की तरह वह भी सब पर नजर रखे हुए है और हर बोली को ध्यान से सुन रही है।
भूरे कोट वाला लड़का शुरू से चुपचाप सब देख रहा था, लेकिन अंत में उसने भी अपनी बोली लगा दी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी, जैसे वह कुछ साबित करना चाहता हो। शायद वह भी छिपा हुआ भेड़िया राजा की तरह कोई गुप्त मकसद लेकर आया है। उसका अचानक बोलना सबके लिए हैरानी की बात थी।
जब दो विरोधी पक्ष आमने-सामने आते हैं, तो माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है। गुलाबी पोशाक वाला और भूरा कोट वाला एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। बीच में फंसी वह लड़की बेचारी कुछ कर नहीं पा रही है। यह दृश्य छिपा हुआ भेड़िया राजा के चरमोत्कर्ष जैसा लग रहा है जहाँ सब कुछ दांव पर लगा है।