इस दृश्य में तनाव इतना अधिक है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। वो सुनहरी पोशाक वाली महिला और उसका साथी जिस तरह से नीली पोशाक वाली नायिका को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वह वाकई दिलचस्प है। लेकिन असली मोड़ तब आता है जब वीआईपी कार्ड सामने आता है। यह साबित करता है कि असली ताकत दिखावे में नहीं, बल्कि हैसियत में होती है। वो तुम्हारा पति नहीं जैसी कहानियों में ऐसे क्लाइमेक्स देखना हमेशा सुकून देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखने का मजा ही कुछ और है, जहां हर फ्रेम में नया ट्विस्ट छिपा होता है।