शुरुआत में लगता है कि बच्ची रो रही है और सब परेशान हैं, लेकिन पायलट की एंट्री सब कुछ बदल देती है। वो तुम्हारा पति नहीं बल्कि एक जिम्मेदार पायलट है जो बच्ची की मदद करता है। वीआईपी कार्ड वाला सीन तो कमाल का था, जहाँ अहंकार टूटता है और सच्चाई सामने आती है। प्राइवेट जेट के अंदर का माहौल और बच्ची का शांत चेहरा देखकर लगता है कि असली रॉयल्टी पैसे से नहीं, दिल से होती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखना बहुत सुकून देता है।