शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण कि सांस रुक गई। उस सुअर जैसे राक्षस ने दुल्हन की गर्दन पर चाकू रखा था और वह युवा योद्धा बस देखता रहा। लेकिन कहानी में ट्विस्ट आया जब बुजुर्ग नाइट ने छलांग लगाई। बूचर से नंबर एक तक में ऐसे सीन दिल दहला देते हैं। एनिमेशन की क्वालिटी भी शानदार है, खासकर उस हरे चाकू की चमक।
मेंटर की मौत हमेशा दर्दनाक होती है। उस बुजुर्ग योद्धा ने अपने छात्र को बचाने के लिए जान दे दी। खून से लथपथ होकर भी वह मुस्कुरा रहे थे। यह दृश्य देखकर मैं भी रो पड़ा। बूचर से नंबर एक तक ने भावनाओं को बहुत गहराई से दिखाया है। उस युवा नाइट की आंखों में आंसू और गुस्सा साफ दिख रहा था।
जब हीरो को गुस्सा आता है तो फिर क्या होता है। बिजली की शक्तियों के साथ उसने पूरा हॉल हिला दिया। राक्षस और एल्फ विलेन भी डर गए। एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी कमाल की है। बूचर से नंबर एक तक में पावर अप का यह सीन सबसे बेहतरीन लगा। अब बदले की बारी है। देखने वाले का दिल जोर से धड़कने लगता है।
विलेन का डिज़ाइन बहुत अनोखा है। सफेद बालों वाला एल्फ और सुअर का मिश्रण। वे दोनों मिलकर बहुत खतरनाक लग रहे थे। उनकी साजिशें अब स्पष्ट हो रही हैं। उस बड़ी कुल्हाड़ी का जादू भी डरावना था। बूचर से नंबर एक तक में खलनायक इतने शक्तिशाली कम ही देखे हैं। अगला एपिसोड कब आएगा?
दुल्हन का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उसने अपने पिता या मेंटर को खो दिया। उसकी आंखों के आंसू किसी का भी दिल तोड़ दें। युवा योद्धा उसे सांत्वना दे रहा था। बूचर से नंबर एक तक में महिला किरदारों को भी मजबूती से दिखाया गया है। वह अब अकेली नहीं है।
अंतिम संस्कार का दृश्य बहुत शांत लेकिन दुख भरा था। हरे भरे मैदान में सबने श्रद्धांजलि दी। युवा नाइट अब जिम्मेदारी समझ गया है। उसकी आंखों में अब डर नहीं दृढ़ संकल्प है। बूचर से नंबर एक तक की कहानी अब नए मोड़ पर है। टीम तैयार है।
अंत में दिखाया गया अनुष्ठान बहुत रहस्यमयी था। लाल रंग का जादू और हड्डियों से बना कुल्हाड़ी। यह संकेत है कि असली युद्ध अभी बाकी है। राक्षसों की सेना तैयार हो रही है। बूचर से नंबर एक तक का क्लिफहैंगर हमेशा हैरान करता है। मैं अगला भाग देखने के लिए बेताब हूं।
कैथेड्रल का माहौल बहुत गॉथिक और डरावना था। मोमबत्तियों की रोशनी और छायाएं बहुत अच्छी थीं। जब बिजली कड़की तो पूरा पर्दा जगमगा उठा। विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत मजबूत है। बूचर से नंबर एक तक की कला निर्देशन प्रशंसनीय है। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लगता है।
छात्र और गुरु का रिश्ता बहुत प्यारा था। गुरु ने अपनी जान देकर अपने छात्र को भविष्य के लिए बचाया। अब युवा योद्धा को उसकी विरासत को आगे बढ़ाना है। सफेद बालों वाली योद्धा भी उसका साथ दे रही है। बूचर से नंबर एक तक में रिश्तों की गहराई अच्छी लगी।
कुल मिलाकर यह एपिसोड भावनात्मक रूप से थका देने वाला था। एक्शन, ड्रामा और फंताजी का सही मिश्रण। कहानी की रफ्तार बिल्कुल सही है। न तो बहुत धीमी और न ही बहुत तेज। बूचर से नंबर एक तक को नेटशॉर्ट पर देखना एक बेहतरीन अनुभव है। सभी को देखना चाहिए।
इस एपिसोड की समीक्षा
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