अंत में राजकुमार का कहना कि वो आवाज निकाल देगा, ये धमकी थी या वादा? भ्रम बना है। (डबिंग) शेर का शिकार ने दर्शकों को बांध कर रखा है। राजकुमारी की आंसू भरी आँखें और राजकुमार की पीली आँखें आमने सामने थीं। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा। नेटशॉर्ट्स पर ऐसी सामग्री की कमी थी। बहुत बढ़िया काम।
रानी का ठाठ बाठ देखकर लगता है कि असली ताकतवर वही है। पीछे खड़े रक्षक भी अजीब थे। (डबिंग) शेर का शिकार का विश्व निर्माण बहुत मजबूत है। अलग अलग प्रजातियों का एक साथ होना कल्पना को नया स्तर देता है। राम वाले पुरोहित की आवाज में जो गंभीरता थी वो लाजवाब थी। डबिंग गुणवत्ता भी बहुत अच्छी लगी।
सुहाग रात के दृश्य में जो संवाद थे वो सीधे दिल पर वार करते हैं। राजकुमारी की विनती सुनकर बुरा लगा। (डबिंग) शेर का शिकार में भावनात्मक पक्ष बहुत मजबूत है। राजकुमार ने जब पूछा कि किस हिस्से से विनती है, तो वो सवाल बहुत भारी था। यह सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक खेल भी है। दर्शकों के लिए विशेष है।
एलेना का किरदार सबसे रहस्यमयी लगा। वो किसका साथ दे रही है? उसकी मुस्कान में जहर है। (डबिंग) शेर का शिकार में हर किसी के अपने मकसद हैं। बिस्तर पर गुलाब की पंखुड़ियां और मोमबत्तियां प्रेमपूर्ण लग सकती थीं पर डर का माहौल था। राजकुमार का गुस्सा और प्यार दोनों एक साथ दिखना दुर्लभ है। चरमोत्कर्ष का इंतजार है।
शेर राजकुमार की आँखों में जो खूंखारपन है वो सच में रोंगटे खड़े कर देता है। खरगोश राजकुमारी की बेचारी हालत देखकर दिल दहल गया। (डबिंग) शेर का शिकार में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं जहाँ शक्ति संतुलन इतने साफ दिखाए गए हों। पुरोहित की बातें सुनकर तो लग रहा है कि आगे कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। चंद्र देव का जिक्र क्यों किया गया? यह रहस्य सुलझना बाकी है।
एलेना की चालाकी देखकर मजा आ गया। उसने कहानी के नियम से झूठ बोलने की बात कही जो कथा में नया मोड़ लाता है। (डबिंग) शेर का शिकार की कहानी में धोखा और राजनीति का तड़का बहुत बढ़िया लगा। बिस्तर वाले दृश्य में जो तनाव था वो वर्णन से परे है। राजकुमारी के आंसू सच में दर्दनाक थे। काश वो भाग पाती।
दृश्य प्रभाव और पोशाक डिजाइन पर करोड़ों खर्च हुए लगते हैं। सिंहासन वाला दृश्य तो बिल्कुल शाही लगा। (डबिंग) शेर का शिकार में हर दृश्य एक चित्रकला जैसा है। राजकुमार के बालों का रंग और उसकी पोशाक बहुत जच रही थी। लेकिन कहानी में जो अंधेरापन है वो सबको पसंद आएगा या नहीं, यह देखना बाकी है।
पुरोहित के सींग और उसकी पोशाक ने मुझे डरा दिया। वो जिस तरह खून की बात कर रहा था, वो सच में अजीब था। (डबिंग) शेर का शिकार में खलनायक का प्रवेश धमाकेदार हुआ है। राजकुमारी की कुंवारी होने की बात क्यों जरूरी है? यह अनुष्ठान किस लिए है? रहस्य बना हुआ है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है।
राजकुमार ने जब राजकुमारी की पोशाक के फीते खोले तो सांस रुक गई। इतना साहसिक दृश्य उम्मीद नहीं था। (डबिंग) शेर का शिकार ने हिम्मत दिखाई है। संवाद जैसे तुम कांप क्यों रही हो ने माहौल को और गरम कर दिया। राजकुमारी की डरती हुई आँखें सब कुछ बता रही थीं। यह प्रेम कहानी नहीं, जंग लग रही है।
खरगोश राजकुमारी की मासूमियत और राजकुमार की क्रूरता का विरोधाभास कमाल का है। (डबिंग) शेर का शिकार में किरदारों की गहराई अच्छी है। वो बार बार भागने की कोशिश कर रही है पर फंसती जा रही है। पुरोहित की चेतावनी कि समय मत चूकना, इससे लगता है कि कोई श्राप या वादा पूरा होने वाला है। बहुत रोचक कथा है।
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