इस दृश्य में जो तनाव है वो बयां नहीं किया जा सकता। जब वह डॉक्टर मुक्केबाज़ी के दस्ताने पहनता है तो रूह कांप जाती है। गॉडफादर ने अपनाया की कहानी में यह मोड़ बहुत हैरान करने वाला है। गर्भवती महिला की आंखों में डर साफ दिख रहा था। क्या वह समय पर बच पाएगी। यह सवाल हर दर्शक के मन में है। माध्यम पर यह दृश्य देखते वक्त सांस रुक गई थी। बहुत गहरा असर छोड़ता है यह।
काली गाड़ी से उतरते ही जिस तरह उसकी चाल थी लग रहा था कि अब सब बदल जाएगा। गॉडफादर ने अपनाया में ऐसे किरदार ही जान डालते हैं। चश्मे वाला डॉक्टर भी घबरा गया था। लगता है अब उस महिला को न्याय मिलेगा। संघर्ष और भावनाओं का बेहतरीन मिश्रण है यह। हर फ्रेम में रहस्य बना हुआ है। देखने वाला हर पल बंधा रहता है। कहानी आगे बढ़ने के साथ और रोचक होगी।
भूरे बालों वाले डॉक्टर की मुस्कान में जो खतरा था वो किसी खलनायक से कम नहीं। गॉडफादर ने अपनाया की पटकथा बहुत बोल्ड है। उसने जब दस्ताने पहने तो लगा अब कुछ भी हो सकता है। महिला की चीखें दिल दहला देने वाली थीं। ऐसे दृश्य देखकर गुस्सा भी आता है और बेचैनी भी। कहानी का यह हिस्सा सबसे ज्यादा यादगार बन गया है। कलाकारों ने कमाल कर दिया है।
उस महिला की हालत देखकर बहुत बुरा लगा। वह मदद के लिए तरस रही थी। गॉडफादर ने अपनाया में ऐसे भावनात्मक पल बहुत गहराई से दिखाए गए हैं। जब वह कुर्सी पर बंधी थी तो लगा शायद अब सब खत्म हो गया। लेकिन फिर उस शख्स के प्रवेश ने उम्मीद जगा दी। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं। दर्शक को बांधे रखने की कला यहां साफ दिखती है। बहुत प्रभावशाली लगता है।
अस्पताल के बाहर का दृश्य और फिर वह काली गाड़ी सब कुछ बहुत शानदार लगा। गॉडफादर ने अपनाया की दृश्य गुणवत्ता बहुत उच्च स्तर की है। सूरज की रोशनी और फिर अंदर का अंधेरा माहौल विरोधाभास बनाता है। हर किरदार की पोशाक भी किरदार के अनुसार है। डॉक्टर का कोट और उस शख्स का लिबास बहुत जच रहा था। देखने में यह श्रृंखला बहुत भव्य लगती है। तकनीकी पक्ष बहुत मजबूत है। निर्माण बहुत अच्छा है।
पहले लगा सिर्फ अस्पताल का दृश्य है फिर अचानक बाहर गुंडों का आना। गॉडफादर ने अपनाया में कथानक में बदलाव बहुत तेजी से आते हैं। चश्मे वाला डॉक्टर किस पक्ष है यह अभी भी भ्रम है। क्या वह उस महिला को बचाने की कोशिश कर रहा था। यह रहस्य बना रहना चाहिए। कहानी आगे बढ़ने के साथ और दिलचस्प होती जाएगी। हर कड़ी नया सवाल खड़ा करती है। दर्शक हैरान रह जाता है। बहुत रोमांचक है।
उस डॉक्टर की अभिनय देखकर डर लग रहा था। उसकी आंखों में पागलपन साफ दिख रहा था। गॉडफादर ने अपनाया के कलाकारों ने बहुत मेहनत की है। महिला के रोने के दृश्य बहुत असली लगे। कोई भी संवाद बिना बोले ही सब समझ आ गया। चेहरे के हाव भाव से ही कहानी आगे बढ़ती है। ऐसे प्रदर्शन देखकर तालियां बजाने का मन करता है। बहुत प्रभावशाली काम है। सबने दिल जीत लिया।
कहानी कहीं भी बोर नहीं होती। हर दृश्य के बाद कुछ नया होता है। गॉडफादर ने अपनाया की रफ़्तार बहुत तेज है। अस्पताल का दृश्य खत्म होते ही बाहर संघर्ष शुरू। दर्शक को बैठने का समय नहीं मिलता। यह लघु प्रारूप के लिए बिल्कुल सही है। समय बर्बाद नहीं होता और मजा भी आता है। ऐसे सामग्री की आज जरूरत है। हर पल नया खुलासा होता रहता है। देखने में बहुत अच्छा लगता है।
अस्पताल के कमरे में जो खामोशी थी उसमें भी शोर था। गॉडफादर ने अपनाया का माहौल बनाने का तरीका अलग है। जब वह दस्ताने पहन रहा था तो सन्नाटा और गहरा हो गया। महिला की सांसें तेज होती दिख रही थीं। ऐसे माहौल में बैठकर देखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन यही तो असली रोमांच है। डर और रहस्य का सही मिश्रण है यह। बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।
यह दृश्य देखने के बाद बस यही सोच रहा हूं कि आगे क्या होगा। गॉडफादर ने अपनाया की अगली कड़ी कब आएगी। वह लिबास वाला शख्स अंदर गया तो क्या हुआ। क्या उस डॉक्टर को सजा मिलेगी। हर सवाल का जवाब चाहिए। इंतजार करना बहुत मुश्किल हो रहा है। कहानी ने ऐसा मोड़ लिया है कि नींद नहीं आ रही। जल्दी से नया दृश्य चाहिए। बहुत उत्सुकता बढ़ गई है।