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Junoon Ka Jaal

Ek dhokhe ne A-list star ki zindagi barbaad kar di aur wo dard ke samundar mein doob gayi. Sukoon ki talaash mein wo ek masoom rookie ke saath ek secret deal karti hai. Par wo masoom dikhne wala "puppy" asal mein ek chhupa hua trillionaire hai! Uska 7-saal purana secret obsession ab ek khatarnak shikaar mein badal chuka hai. Wo usey paane ke liye kisi bhi hadd tak ja sakta hai.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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परिवार का दबाव

इस शो में दिखाया गया तनाव बहुत ही असली लगता है। जब बेटी को पिता का फोन आता है तो उसके चेहरे का डर साफ दिखता है। जूनून का जाल की कहानी में अमीरी के पीछे छिपी गरीबी को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। डाइनिंग टेबल पर वो झगड़ा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। लड़की की आंखों में आंसू और लड़के की बेचैनी दिल को छू लेती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामा देखना सुकून देता है।

सौतेली माँ का खेल

खाने की मेज पर वो सौतेली माँ की मुस्कान में कितना जहर घुला था, ये कोई नहीं समझ पाया। जूनून का जाल में किरदारों की गहराई लाजवाब है। पिता का गुस्सा और बेटी की मजबूरी देखकर लगता है कि पैसा इंसान को कितना बदल देता है। नौकरानी का चुपचाप काम करना और बीच में वो तनावपूर्ण माहौल कमाल का था। अंत में लड़के का कार में आना उम्मीद की किरण जैसा लगा। सच में बहुत ही दमदार एक्टिंग देखने को मिली।

प्यार बनाम पैसा

जब लड़का किचन में खाना बना रहा था और लड़की फोन पर बात कर रही थी, तभी समझ आ गया कि कहानी में कुछ गड़बड़ है। जूनून का जाल की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। अमीर घर की चमक धमक के बीच एक मासूम लड़की का दम घुटता हुआ दिखाया गया है। रात के खाने का वो सीन जहां पिता चिल्ला रहे थे, वो दिल दहला देने वाला था। लड़की का रोते हुए घर से निकलना और लड़के का उसे ढूंढने जाना बहुत इमोशनल था।

खामोश चीखें

बिना कुछ बोले ही एक्टर्स ने अपना दर्द बयां कर दिया। जूनून का जाल में हर सीन में एक नया मोड़ है। ऑफिस में पिता का गंभीर चेहरा और घर पर उसका रौद्र रूप देखकर हैरानी हुई। वो सौतेली माँ जो बीच में मुस्कुरा रही थी, क्या वो सच में अच्छी है या बस दिखावा कर रही है? लड़की की आंखों से बहते आंसू किसी डायलॉग से ज्यादा असरदार थे। ऐसे शो देखकर ही असली सिनेमा का मजा आता है।

अमीरी का अंधेरा

बड़े घर की रौनक के पीछे छिपे अंधेरे को इस शो ने बहुत बारीकी से पकड़ा है। जूनून का जाल की कहानी हर उस इंसान को छू लेगी जो परिवार के दबाव में जी रहा है। डाइनिंग टेबल पर तमीज का पाठ पढ़ाने वाला पिता और चुपचाप सहती हुई बेटी। बीच में वो लड़का जो बस चुपचाप सहारा बनकर खड़ा था। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलने वाली क्वालिटी देखकर खुशी हुई। अगला एपिसोड कब आएगा इसका इंतजार है।

रिश्तों की डोर

रिश्तों में दरारें कैसे पड़ती हैं ये इस शो में साफ दिखाया गया है। जूनून का जाल में इमोशनल सीन्स की भरमार है। फोन की घंटी बजते ही लड़की के चेहरे पर आए बदलाव ने कहानी की दिशा बदल दी। शाम के खाने पर वो बहस देखकर लग रहा था कि अब सब खत्म हो गया। लेकिन लड़के का कार में बैठकर आगे बढ़ना बताता है कि कहानी अभी बाकी है। बहुत ही शानदार प्रेजेंटेशन है।

आंसुओं की कीमत

लड़की के आंसू देखकर कोई भी पत्थर दिल इंसान भी पिघल जाए। जूनून का जाल ने साबित कर दिया कि छोटे बजट में भी बड़ी कहानियां बताई जा सकती हैं। पिता का गुस्सा सिर्फ अधिकार जताने के लिए था या कुछ और? वो सौतेली माँ जो बीच में शांत बैठी थी, उसकी चुप्पी सबसे शोर मचा रही थी। लड़के और लड़की की केमिस्ट्री बहुत प्यारी लगी। ऐसे कंटेंट के लिए नेटशॉर्ट को सलाम।

रात का खाना

रात के खाने का वो सीन किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था। जूनून का जाल में टेंशन को बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है लेकिन यहाँ वो कमाल का था। पिता का उंगली उठाकर चिल्लाना और बेटी का सहम जाना। नौकरानी का भी डर के मारे काम करना माहौल को और गंभीर बना रहा था। अंत में लड़की का बाहर निकलना और रात में अकेले खड़ी होना बहुत दर्दनाक था। सच में लाजवाब कलाकारी।

उम्मीद की किरण

सब कुछ खत्म होता हुआ भी लग रहा था पर लड़के की एंट्री ने उम्मीद जगा दी। जूनून का जाल की कहानी में हर किरदार का अपना महत्व है। पिता की सख्ती के आगे भी प्यार कैसे जीतता है ये देखना बाकी है। लड़की की साड़ी और मेकअप बहुत सूट कर रहा था पर उसकी आंखों में उदासी साफ दिख रही थी। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना मेरी आदत बन गई है। बहुत ही बेहतरीन अनुभव रहा।

आखिरी फैसला

कहानी के अंत में जो मोड़ आया वो किसी ने सोचा नहीं था। जूनून का जाल में हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है। पिता का चेहरा उतर जाना और सौतेली माँ का मुस्कुराना। क्या ये जीत है या हार? लड़की का रोते हुए घर छोड़ना और लड़के का उसे लेने आना। ये सब देखकर लगता है कि असली जंग अभी शुरू हुई है। ऐसे ड्रामा बार बार देखने को मन करता है।