शुरू का दृश्य देखकर ही रोंगटे खड़े हो गए। नीली पोशाक वाला पात्र कितना डरा हुआ लग रहा था जब वो सामने खड़ा था। चमड़े के कोट वाले की आंखों में एक अलग ही घमंड था। टिन अल्फास के मोहक खेल में ऐसे सत्ता संतुलन देखना बहुत रोमांचक है। हर संवाद में तनाव साफ झलक रहा था। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई।
कार्यालय वाले दृश्य में मालिक का आगमन धमाकेदार था। उसने जब दस्तावेज़ खोला तो कमरे का तापमान गिर गया। उसकी गर्दन पर गुदवाया चिह्न और गले की जंजीर उसे बहुत खतरनाक रूप दे रही थी। वो अधीनस्थ बिना सांस लिए खड़ा था। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं।
उस लड़की की तस्वीर पर कलम से निशान लगाना किसी खतरे की घंटी से कम नहीं था। मालिक की आंखों में एक अजीब सी चमक थी जब उसने वो किया। लगता है अब उस लड़की की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। टिन अल्फास के मोहक खेल की कहानी में यह मोड़ हो सकता है। सब हैरान हैं।
हाथों में पहनी हुई अंगूठियां साधारण नहीं लग रही थीं। खासकर वो भेड़िए वाली अंगूठी जो चमड़े के कोट वाले ने पहनी थी। ये सजावट किसी कबीले या समूह का संकेत दे रही हैं। विवरण पर इतना ध्यान देना कार्यक्रम की खासियत है। हर चीज का मतलब निकालना पड़ता है। बहुत गहराई है।
संवाद से ज्यादा खामोशी ने माहौल बनाया था। जब मालिक ने दस्तावेज़ थामा तो आवाज भी नहीं हुई। पृष्ठभूमि संगीत ने तनाव को और बढ़ा दिया। ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। टिन अल्फास के मोहक खेल में ध्वनि व्यवस्था बहुत स्तर की है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई।
कोट वाले नौकर की हालत देखने लायक थी। वो मालिक की आंखों में देखने से भी कतरा रहा था। जब उसने दस्तावेज़ आगे बढ़ाया तो उसके हाथ कांप रहे थे। इस डर को कलाकार ने बहुत अच्छे से निभाया है। असली ताकत वही है जो बिना बोले दिखाई दे। प्रशंसा करने लायक है।
दस्तावेज़ में मौजूद उस सुनहरे बालों वाली लड़की की तस्वीर ने सबका ध्यान खींचा। वो कौन है और क्यों चुनी गई यह सबसे बड़ा सवाल है। मालिक का उसे चुनना किसी शिकार की तरह लग रहा था। कहानी आगे बढ़ने पर इसका राज खुलेगा। सब इंतजार कर रहे हैं।
हर पात्र के कपड़े उनकी हैसियत बता रहे थे। एक तरफ महंगे कोट थे तो दूसरी तरफ सजावटी पोशाक। मालिक की खुली हुई कमीज उसकी बेपरवाही दिखा रही थी। वेशभूषा सज्जाकार ने किरदारों को परिभाषित करने में कमाल कर दिया है। दृश्य कथा बहुत मजबूत है।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि मालिक उस तस्वीर के साथ क्या करेगा। क्या वो लड़की को ढूंढेंगे या कोई और योजना है। टिन अल्फास के मोहक खेल के हर भाग में नया मोड़ आ रहा है। दर्शक के रूप में मैं अगले दृश्य का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
यह सिर्फ एक कार्यालय बैठक नहीं बल्कि एक सत्ता खेल था। हर कोई अपनी जगह तय कर रहा था। मालिक की कुर्सी और अधीनस्थ की खड़ी हालत सब कह रही थी। ऐसे नाटकों में राजनीति सबसे ज्यादा मजा देती है। मुझे यह कार्यक्रम बहुत गहरा लगा। सबको देखना चाहिए।