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अंधकार का वारिसवां41एपिसोड

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अंधकार का वारिस

नायक एक अनाथालय में बड़ा हुआ। वह पूरे स्कूल में सबसे कमज़ोर था, जिसे हर कोई सताता था। तीन सौ रुपये में किसी ने उसके बालों का एक तार खरीद लिया – और उसकी किस्मत बदल गई। डीएनए जांच से पता चला कि वह पूरे प्रदेश के सबसे बड़े माफिया का असली बेटा था। रोते हुए माता-पिता और असीमित काले धन को देखकर उसकी सोच टूट गई। जब बच नहीं सकता, तो उसने तय किया – बुराई से बुराई का मुकाबला करेगा, उन्हीं के नियमों से पलटवार करेगा। जिन्होंने कभी उसे रौंदा था, वे अब अपने परिवार सहित उसके सामने घुटने टेकेंगे...
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इस एपिसोड की समीक्षा

दिल तोड़ने वाला दृश्य

इस दृश्य ने मेरा दिल तोड़ दिया है। अंधकार का वारिस में ऐसी भावनात्मक गहराई मैंने कम ही देखी है। वह छात्रा जब घुटनों पर गिरती है, तो आँखों से आँसू नहीं बल्कि दर्द टपकता है। चारों खड़े लोग तमाशबीन बने हुए हैं। यह समाज की कठोर सच्चाई दिखाता है। काश कोई मदद को आगे आए। बहुत दर्दनाक है।

गुस्से से भर गया

काले कपड़े वाला छात्र मुस्कुरा रहा है, यह देखकर बहुत गुस्सा आता है। अंधकार का वारिस की कहानी में यह विलेन बहुत घृणित लग रहा है। उसकी आँखों में शैतानियत साफ झलकती है। पीड़िता की चीखें कोई नहीं सुन रहा। बस फोन कैमरे चालू हैं। इंसानियत मर गई है क्या? सच में शर्मनाक है।

भीड़ का व्यवहार

भीड़ का व्यवहार सबसे चौंकाने वाला है। सब वीडियो बना रहे हैं, मदद कोई नहीं कर रहा। अंधकार का वारिस ने यह दिखाकर अच्छा किया कि आज का युवा वर्ग कितना संवेदनहीन हो गया है। उस छात्रा की हालत देखकर रूह कांप जाती है। बहुत ही तीव्र दृश्य है यह। दिल दहल गया।

उम्मीद की किरण

चश्मे वाला छात्र आया तो थोड़ी राहत मिली। अंधकार का वारिस में अब लगता है कि न्याय होगा। उसने जब हाथ बढ़ाया, तो उम्मीद की किरण जगी। अकेले में किसी का मजाक उड़ाना कायरता है। यह दृश्य बहुत शक्तिशाली तरीके से फिल्माया गया है। एनिमेशन भी बहुत अच्छा है। राहत मिली।

खून और दर्द

होठों से खून बह रहा है, यह विवरण बहुत दर्दनाक है। अंधकार का वारिस में हिंसा को इस तरह दिखाना साहसिक है। वह छात्रा खुद को समेटे हुए कांप रही है। ठंड और डर दोनों महसूस हो रहे हैं। निर्देशक ने हर फ्रेम में दर्द भरा है। देखने वाले पर गहरा असर पड़ता है। रूह कांप गई।

स्कूल का खौफ

स्कूल का माहौल इतना खौफनाक कभी नहीं देखा। अंधकार का वारिस की यह एपिसोड बहुत भारी पड़ रही है। दीवारों के बीच चिल्लाहटें गूंज रही हैं। कोई शिक्षक नहीं है, बस गुंडे हैं। यह शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाता है। बहुत ही गंभीर मुद्दा उठाया है इसने। सोचने पर मजबूर कर दिया।

अपमान की सीमा

घुटनों के बल बैठना अपमान की चरम सीमा है। अंधकार का वारिस में इस अपमान को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। कपड़ों पर आँसू के निशान साफ दिख रहे हैं। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा। कलाकारों की एक्टिंग बहुत लाजवाब है। आँखों में नमी आ जाती है देखकर। बहुत प्रभावित हुआ।

विजुअल मास्टरपीस

रोशनी और छाया का खेल बहुत खूबसूरत है। अंधकार का वारिस की विजुअल क्वालिटी शानदार है। सूरज की किरणें भी उस छात्रा के दर्द को नहीं सुखा पा रही हैं। यह प्रतीकात्मकता बहुत गहरी है। तकनीकी पहलू से यह एपिसोड मास्टरपीस है। हर फ्रेम पेंटिंग जैसा लग रहा है। नज़ारा अद्भुत है।

बदले की आग

बदला लेने की आग अब जरूर जलेगी। अंधकार का वारिस में यह शुरुआत किसी बड़े संघर्ष की है। वह छात्रा चुपचाप सब बर्दाश्त नहीं करेगी। कहानी में अब ट्विस्ट आएगा। दर्शक के रूप में मैं इंतजार कर रहा हूँ। अगला एपिसोड कब आएगा? बेचैनी बढ़ रही है। उत्सुकता बढ़ गई।

नेटशॉर्ट पर देखें

नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज जरूर देखें। अंधकार का वारिस जैसी कहानियां कम ही मिलती हैं। इमोशनल कनेक्शन बहुत गहरा है। हर किरदार की अपनी कहानी है। यह सिर्फ एनिमेशन नहीं, एक अनुभव है। मैं तो पूरी रात जागकर देख सकता हूँ। बहुत पसंद आ रहा है मुझे। लाजवाब सीरीज है।