इस दृश्य में तनाव की जो लहर है वो रोंगटे खड़े कर देती है। जब बड़े भाई ने गले से पकड़ा तो सांस रुक सी गई। माँ का चेहरा देखकर लगा जैसे वो सब कुछ जानती हों पर चुप रहना बेहतर समझ रही हों। अनकही मोहब्बत के इस पल में हर किरदार का दर्द साफ़ झलक रहा है। कमरे की सजावट और लाइटिंग ने माहौल को और भी गहरा बना दिया। ऐसा लगा जैसे हर शब्द बिना बोले ही सब कुछ कह रहा हो।