जब वो लाल मास्क पहने काले लिबास में आया, तो सारे योद्धा चुप हो गए। एशिया का सबसे बड़ा तलवारबाज: वर्चस्व की जंग में ये सीन सबसे ज्यादा डरावना लगा। बैठे हुए बुजुर्ग की आंखों में डर था, खड़े युवाओं के हाथ तलवार पर कांप रहे थे। मास्क वाले की चुप्पी ही उसकी ताकत थी। नेटशॉर्ट ऐप पर देखते वक्त लगा जैसे मैं भी उस चौक में खड़ा हूं। हर फ्रेम में तनाव था, हर चेहरे पर सवाल था। ये सिर्फ एक एंट्री नहीं, बल्कि एक तूफान की शुरुआत थी।