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कॉल जारी है

प्रिया जोशी सालों से जबरन गूंगी बनकर जीती रही। एक अपहरण में उसे गलतफहमी हो जाती है कि ईशान चौहान उसके पेट में पल रहे बच्चे को नहीं चाहता। बच्चे को बचाने के लिए वह फोन पर अपहरणकर्ता बनकर ईशान चौहान से सौदेबाज़ी करती है। हर कॉल के साथ सच सामने आता है, गलतफहमियाँ टूटती हैं और ईशान उसे अपनी असली आवाज़ लौटाने की हिम्मत देता है… पर आख़िरी कॉल में किसका राज़ खुलने वाला है?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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शुरुआत का खतरनाक मोड़

शुरुआत में दो दोस्त खुशी से चल रहे थे,फिर अचानक सब बदल गया। नीली पोशाक वाली लड़की का फोन गिरना किसी बड़ी मुसीबत की निशानी था। पुलिस स्टेशन का दृश्य तनाव बढ़ाता है। कॉल जारी है में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। काश वह अकेली न होती। गुमनाम आदमी का खतरा साफ दिख रहा है। हर पल संदेह बढ़ता जाता है। दर्शक को डर लग रहा है।

पुलिस स्टेशन की बेचैनी

गुलाबी वेस्ट वाली महिला पुलिस स्टेशन में मदद मांगती है। उसकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। वह जल्दी में बाहर निकली,जैसे कोई बड़ी खबर मिली हो। कॉल जारी है की कहानी में हर किरदार का अपना राज है। पुलिस वाले का व्यवहार भी शांत था। क्या वह सच में मदद करेंगे। यह सवाल बना हुआ है। दर्शक के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। सब कुछ गुप्त है।

मुखौटे वाला विलेन

काले मुखौटे वाला आदमी बहुत रहस्यमयी लग रहा था। हल्के नीले सूट में वह खतरनाक लग रहा था। उसने शराब की बोतल से वह लड़की को परेशान किया। कॉल जारी है में विलेन का यह अंदाज नया लगा। वह फोन पर बात करते हुए बहुत ठंडा था। कमरे का माहौल भी डरावना था। शराब की महक और अंधेरा सब कुछ गहरा करता है। सस्पेंस बना हुआ है। कोई पहचान नहीं है।

बेचारी बेहोश लड़की

बेहोश लड़की को सोफे पर देखकर बहुत बुरा लगा। वह बेचारी कुछ कर नहीं सकती थी। उसकी नीली पोशाक अब मैली हो गई थी। कॉल जारी है में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं। उसकी सांसें धीमी लग रही थीं। क्या वह सुरक्षित बच पाएगी। यह चिंता हर पल बढ़ रही है। दर्शक के रूप में मैं बस यही चाहता हूं। उसे जल्दी बचाया जाए। समय कम है।

फोन कॉल का तनाव

फोन कॉल का तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। एक तरफ चिंतित महिला,दूसरी तरफ मुखौटा पहने शख्स। कॉल जारी है में संवाद कम लेकिन असर ज्यादा है। वह आदमी शराब पी रहा था और धमकी दे रहा था। लगता है फिरौती की मांग होगी। हर शब्द के पीछे कोई मकसद छिपा है। यह खेल खतरनाक मोड़ ले रहा है। कहानी आगे बढ़ती जाएगी। अंत क्या होगा।

अमीराना कमरा और खतरा

कमरे की सजावट बहुत अमीराना थी,पर वहां खतरा था। शराब की शेल्फ पीछे चमक रही थी। कॉल जारी है का सेट डिजाइन बहुत शानदार है। मुखौटे वाले ने कार्ड दिखाया,शायद कोई सबूत था। उस लड़की की हालत देखकर गुस्सा आता है। क्यों किसी के साथ ऐसा किया जा रहा है। न्याय कब मिलेगा यह बड़ा सवाल है। हर दृश्य में गहराई है। रहस्य बना है।

घबराई हुई महिला

बाहर चल रही महिला का चेहरा पीला पड़ गया था। फोन पर सुनकर वह घबरा गई। कॉल जारी है में अभिनय बहुत प्राकृतिक लगा। उसने तुरंत रास्ता बदला,शायद किसी से मिलने जा रही है। उसकी एड़ियों की आवाज भी जल्दी बता रही थी। समय बहुत कम बचा है लगता है। क्या वह समय पर पहुंच पाएगी। यह उलझन बढ़ती जा रही है। रास्ता कठिन है।

पुलिस की भूमिका

पुलिस वाले ने पानी दिया पर वह महिला चली गई। शायद उसे जल्दी थी। कॉल जारी है में छोटी बातें भी कहानी बताती हैं। पुलिस स्टेशन का बोर्ड साफ दिख रहा था। अधिकारी हैरान खड़ा रह गया। यह भागमभाग कुछ बड़ा होने वाला है। कानून और अपराध की यह लड़ाई देखने लायक है। हर कदम पर संदेह बना हुआ है। रोमांच बना रहेगा। सच क्या है।

विलेन की योजना

मुखौटे वाले ने शराब का गिलास उठाया और बात करता रहा। उसकी आवाज में ठंडक थी। कॉल जारी है में विलेन का किरदार बहुत मजबूत है। उसने लड़की के पास कार्ड रखा,शायद पहचान के लिए। यह खेल सिर्फ पैसे का नहीं,बदले का लगता है। हर एक्शन के पीछे एक योजना है। दर्शक को बांधे रखने के लिए काफी है। कहानी में दम है। आगे देखना है।

अधूरा क्लिफहैंगर

अंत में लड़की अभी भी बेहोश पड़ी थी। खतरा टला नहीं है। कॉल जारी है का क्लिफहैंगर बहुत तगड़ा था। अगले एपिसोड का इंतजार नहीं हो रहा। क्या पुलिस उसे ढूंढ पाएगी। वह महिला कौन है,शायद बहन या दोस्त। रिश्तों की यह डोर टूटने वाली है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी,यह देखना बाकी है। सब कुछ अनिश्चित है। डर बना है।