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कॉल जारी है

प्रिया जोशी सालों से जबरन गूंगी बनकर जीती रही। एक अपहरण में उसे गलतफहमी हो जाती है कि ईशान चौहान उसके पेट में पल रहे बच्चे को नहीं चाहता। बच्चे को बचाने के लिए वह फोन पर अपहरणकर्ता बनकर ईशान चौहान से सौदेबाज़ी करती है। हर कॉल के साथ सच सामने आता है, गलतफहमियाँ टूटती हैं और ईशान उसे अपनी असली आवाज़ लौटाने की हिम्मत देता है… पर आख़िरी कॉल में किसका राज़ खुलने वाला है?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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होटल का तनाव

होटल के कमरे में जो ठंडक है वो सिर्फ एसी की नहीं है बल्कि रिश्तों की भी है। दोनों के बीच की खामोशी चीख रही है कि कुछ बहुत गलत हो चुका है। बीती हुई यादें वर्तमान को जला रही हैं और सांस लेना मुश्किल कर रही हैं। नेटशॉर्ट पर देखते वक्त लगा कि काश ये सब न होता और कहानी कुछ और होती। कॉल जारी है में ऐसे मोड़ दिल तोड़ देते हैं और आंखें नम कर देते हैं। हर डायलॉग में दर्द छिपा है।

बारिश वाली रात

बीस साल पहले की वो रात किसी को नहीं भूलनी चाहिए क्योंकि वो सबकी नींद उड़ा देती है। बारिश में भीगी हुई बेचारी बच्ची और छाता पकड़े वो कठोर शख्स। क्या रिश्ता है इनका और क्यों है ये दूरी? नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीन बार बार देखने को मजबूर करता है क्योंकि इसमें दर्द है। कॉल जारी है की कहानी में गहराई है जो सीधे दिल पर वार करती है।

पिता का व्यवहार

उस व्यक्ति का व्यवहार देखकर बहुत गुस्सा आता है क्योंकि इंसानियत भी कहीं खो गई है। बच्ची गिर गई फिर भी वो नहीं रुका और न ही मदद की। क्या पत्थर दिल है वो या कोई मजबूरी है? नेटशॉर्ट पर कहानी आगे बढ़ती है तो पता चलता है सब कुछ आसान नहीं है और सच कड़वा है। कॉल जारी है में हर किरदार की मजबूरी साफ दिखती है जो सोचने पर मजबूर कर देती है।

आंखों का दर्द

लड़की की आंखों में जो डर और बेबसी है वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता क्योंकि वो बहुत गहरा है। वो मदद के लिए देख रही थी पर कोई नहीं आया और वो अकेली रह गई। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस अच्छा है पर कहानी ज्यादा अच्छी है जो बांध कर रखती है। कॉल जारी है में इमोशनल सीन्स बहुत ज्यादा हैं जो रूला देते हैं और अंदर तक हिला देते हैं।

वर्तमान और भूतकाल

आज का सीन और कल की कहानी आपस में बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं क्योंकि सब कुछ वहीँ से शुरू हुआ था। होटल में बैठे हुए को पता है क्या हुआ था और वो चुप क्यों है। नेटशॉर्ट पर बिंग वॉच करने का मजा आ गया क्योंकि हर एपिसोड नया मोड़ लाता है। कॉल जारी है का प्लॉट बहुत ही यूनिक और दिलचस्प लग रहा है जो अंत तक बांधे रखता है।

छाते का साया

छाता सिर्फ बारिश से नहीं बचा रहा था बल्कि एक दीवार बन गया था जो दूरियों को दिखा रहा था। उस शख्स ने छाता नहीं झुकाया और न ही किसी को पास आने दिया। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो क्वालिटी बहुत साफ है जिससे हर एक्सप्रेशन दिखता है। कॉल जारी है में प्रतीकों का अच्छा इस्तेमाल हुआ है जो कहानी को गहरा बनाता है और सोचने पर मजबूर करता है।

चुप्पी का शोर

होटल के कमरे में जो चुप्पी है वो सबसे ज्यादा शोर मचा रही है क्योंकि सब कुछ अनकहा है। दोनों कुछ कहना चाहते हैं पर कह नहीं पा रहे क्योंकि डर लग रहा है। नेटशॉर्ट पर टाइम पास अच्छा हो गया और शाम ढल गई पता ही नहीं चला। कॉल जारी है में डायलॉग कम पर असर ज्यादा है जो बिना बोले सब कह देता है और दिल को छू लेता है।

बड़ी महिला का प्यार

उस बड़ी महिला ने बच्ची को संभाला और उसे गले लगा लिया क्योंकि वो कांप रही थी। वो मां जैसी लग रही थी जिसने दर्द महसूस किया और तुरंत मदद की। नेटशॉर्ट ऐप पर सीरीज देखना सुकून देता है क्योंकि कहानी में दम है और जोड़ने वाली ताकत है। कॉल जारी है में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है जो हमें अपनापन महसूस कराती है और आंखें नम कर देती है।

फुटबॉल का मतलब

उसने फुटबॉल क्यों फेंका और वो भी ऐसे वक्त में जब बच्ची रो रही थी? क्या ये कोई टेस्ट था या गुस्से का इजहार जो वो नहीं दिखा पा रहा था? नेटशॉर्ट पर सस्पेंस बना रहता है क्योंकि हर सीन में राज छिपा है जो धीरे धीरे खुलता है। कॉल जारी है में हर ऑब्जेक्ट की अपनी कहानी है जो प्लॉट को आगे बढ़ाती है और दर्शकों को हैरान कर देती है कि आगे क्या होगा।

कहानी का अंत

क्या इनका मिलन होगा या बिछड़ना तय है क्योंकि रास्ते बहुत कठिन लग रहे हैं और मुश्किलें बढ़ रही हैं? नेटशॉर्ट ऐप पर अगला एपिसोड देखने का इंतजार है क्योंकि कहानी अधूरी लगती है और जानना जरूरी है। कॉल जारी है ने दिल जीत लिया है और हर एपिसोड के बाद बेचैनी बढ़ जाती है कि आगे क्या होगा और अंत कैसा होगा।