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कॉल जारी है

प्रिया जोशी सालों से जबरन गूंगी बनकर जीती रही। एक अपहरण में उसे गलतफहमी हो जाती है कि ईशान चौहान उसके पेट में पल रहे बच्चे को नहीं चाहता। बच्चे को बचाने के लिए वह फोन पर अपहरणकर्ता बनकर ईशान चौहान से सौदेबाज़ी करती है। हर कॉल के साथ सच सामने आता है, गलतफहमियाँ टूटती हैं और ईशान उसे अपनी असली आवाज़ लौटाने की हिम्मत देता है… पर आख़िरी कॉल में किसका राज़ खुलने वाला है?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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कार में तनावपूर्ण माहौल

कार के अंदर का माहौल बहुत ही तनावपूर्ण लग रहा है। ड्राइवर की सीट पर बैठे लड़के की आंखों में बेचैनी साफ झलक रही है। वह बार बार पास बैठी लड़की की तरफ देख रहा है लेकिन कुछ कह नहीं पा रहा। कॉल जारी है में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि दोनों के बीच कोई बड़ी गलतफहमी चल रही है। सीट बेल्ट की तरह ही उनकी खामोशी भी उन्हें बांधे हुए है। यह चुप्पी शोर से ज्यादा तेज है। मुझे यह धारावाहिक बहुत पसंद आ रहा है क्योंकि यह बिना संवाद के भी कहानी कहता है। हर फ्रेम में एक नया राज छिपा है।

सूट और गंभीरता

लड़के की सूट की सजावट और उसके चेहरे की गंभीरता का विरोधाभास कमाल का है। वह गाड़ी चला रहा है लेकिन उसका ध्यान पूरी तरह से सामने नहीं है। शायद वह उस लड़की के जवाब का इंतजार कर रहा है जो खिड़की से बाहर देख रही है। कॉल जारी है की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होने वाला है। कैमरा कोण ने उनके बीच की दूरी को बहुत खूबसूरती से कैद किया है। लगता है कोई पुरानी बात फिर से सामने आ गई है। दर्शक के रूप में मैं इस तनाव को महसूस कर सकता हूं। यह दृश्य दिल को छू लेता है।

खामोश उदासी

पास बैठी लड़की के चेहरे पर जो उदासी है वह शब्दों से बयां नहीं हो सकती। उसने अपना चेहरा खिड़की की तरफ कर लिया है ताकि वह अपनी आंखों की नमी छिपा सके। हल्के भूरे रंग के कपड़े में वह बहुत नाजुक लग रही है। कॉल जारी है में ऐसे भावनात्मक पल बहुत बार आते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। उसकी सांसों की रफ्तार से लग रहा है कि वह रोने की कोशिश कर रही है। ड्राइवर शायद यह सब देख रहा है लेकिन मदद नहीं कर पा रहा। यह बेबसी का पल बहुत गहरा है। मुझे यह अभिनय बहुत पसंद आई।

रोशनी और प्रतीक

कार के अंदर की रोशनी ने इस दृश्य को एक अलग ही मूड दे दिया है। बाहर का नज़ारा धुंधला है लेकिन अंदर के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं। यह प्रतीकात्मक है कि दुनिया बाहर चल रही है लेकिन इनकी दुनिया रुकी हुई है। कॉल जारी है की निर्माण गुणवत्ता वास्तव में बहुत अच्छी है। लड़के के हाथ स्टीयरिंग पर कसे हुए हैं जो उसकी घबराहट दिखाते हैं। लड़की चुपचाप बैठे हुए अपने बालों को ठीक करती है। ये छोटे छोटे विवरण ही इस धारावाहिक को खास बनाते हैं। मैं हर कड़ी का इंतजार करती हूं।

बिना शब्दों की बात

दोनों के बीच की खामोशी में जो बातें हो रही हैं वह संवाद से ज्यादा असरदार हैं। लड़का कुछ कहना चाहता है लेकिन शब्द गले में अटक रहे हैं। लड़की शायद माफ़ करने के मूड में नहीं है अभी। कॉल जारी है में रिश्तों की यह जटिलता बहुत वास्तविक लगती है। कार का बंद कमरा जैसे एक दहलीज है जहां सच्चाई सामने आनी बाकी है। सीट बेल्ट उन्हें सुरक्षा दे रही है लेकिन दिल को नहीं। यह दृश्य देखकर मेरा दिल भी भारी हो गया। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मिलते नहीं हैं।

आंखों के सवाल

लड़के की आंखों में जो सवाल हैं वह सीधे दर्शकों के दिल में उतर जाते हैं। वह बार बार पीछे देखने वाले शीशे में देख रहा है शायद रास्ता भटकने के डर से नहीं। कॉल जारी है की पटकथा में यह उलझन बहुत अच्छे से लिखा गया है। लड़की के कानों में मोती की बालियां उसकी क्लासिक लुक को बढ़ा रहे हैं। वह गुस्से में है या दुखी है यह तय करना मुश्किल है। कार की गति धीमी है जैसे वक्त रुका हुआ हो। मुझे यह मनोवैज्ञानिक धारावाहिक बहुत पसंद आ रहा है। हर पल नया सस्पेंस है।

प्राकृतिक रसायन

इस दृश्य में जो रसायन है वह बहुत ही प्राकृतिक लगती है। न तो ज्यादा नाटक है और न ही अतिरंजित अभिनय। बस दो लोग हैं जो एक मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं। कॉल जारी है में ऐसे यथार्थवादी दृश्य देखकर अच्छा लगता है। लड़के की भूरी सूट उसकी व्यक्तित्व को बहुत सूट कर रही है। लड़की की चुप्पी सबसे बड़ा शोर बन गई है। मैं सोच रही हूं कि आखिर हुआ क्या था इनके बीच। यह रहस्य बनाए रखना आसान नहीं है। निर्देशक ने कमाल कर दिया है इस दृश्य में।

क्लोज अप जादू

कैमरा क्लोज अप ने हर भावना को बड़ा कर दिखा दिया है। लड़के की पलकें झपकने की रफ्तार से उसकी घबराहट का अंदाजा लगता है। लड़की की नज़रें खिड़की से बाहर हैं लेकिन दिमाग कहीं और है। कॉल जारी है की दृश्य कथा बहुत मजबूत है। कार के अंदर की जगह छोटी है लेकिन भावनाएं बहुत बड़ी हैं। ऐसा लग रहा है कि कोई फैसला लेने का वक्त आ गया है। मुझे यह कलात्मक दृष्टिकोण बहुत पसंद आई है। यह दृश्य मुझे लंबे समय तक याद रहेगा।

दिलों की ठंडक

माहौल में जो ठंडक है वह एयर कंडीशनर से नहीं दिलों से आ रही है। लड़का शायद माफ़ी मांगना चाहता है लेकिन हिचकिचा रहा है। लड़की ने अपना हाथ सीट बेल्ट पर रखा है जैसे कोई सहारा ढूंढ रही हो। कॉल जारी है में ऐसे उपपाठ का इस्तेमाल बहुत चतुराई से किया गया है। बाहर के पेड़ तेजी से पीछे जा रहे हैं लेकिन ये वहीं अटके हुए हैं। यह रुकावट ही इस कहानी का मुख्य बिंदु है। मैं इस जोड़ी के लिए उंगलियां क्रॉस कर रही हूं। उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा।

सन्नाटे का शोर

अंत में जब लड़की ने अपनी स्थिति बदली तो लगा शायद बात कुछ आगे बढ़ेगी। लेकिन फिर वही सन्नाटा छा गया। लड़के के चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। कॉल जारी है का यह कड़ी भावनात्मक रोलरकोस्टर साबित हुआ है। कार के डैशबोर्ड की बत्तियां भी फीकी लग रही थीं इस मूड के सामने। यह दृश्य बताता है कि कुछ लड़ाइयां शब्दों से नहीं खामोशी से लड़ी जाती हैं। मुझे यह धारावाहिक अपने दोस्तों को जरूर सुझाऊंगी। यह देखने लायक है।