इस दृश्य में जो डर दिखाया गया है वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। लड़की की आंखों में आंसू और चीखें दिल को दहला देती हैं। विलेन का अंदाज बहुत खतरनाक लग रहा है। डॉक्टर का जुनून श्रृंखला में ऐसा ट्विस्ट उम्मीद नहीं था। अभिनय बहुत दमदार है और हर पल तनाव बना हुआ है। देखने वाले को बंधा महसूस होता है। माहौल में सन्नाटा छाया हुआ है। हर सांस में घबराहट है। कलाकारों ने जान डाल दी है।
टोपी वाले शख्स का प्रवेश बहुत स्टाइलिश है लेकिन उसकी नीयत साफ नहीं लग रही। उसने अपने गुंडों को इशारा किया और फिर क्या होता है यह देखना रोमांचक है। मारपीट के दृश्य बहुत असली लग रहे हैं। डॉक्टर का जुनून की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होगा। संगीत भी पृष्ठभूमि में सही जगह पर बज रहा है। दर्शक हैरान रह जाएंगे। विलेन की चालबाजी देखने लायक है।
जब उस बेचारे लड़के को पीटा जा रहा था तब जो दर्द दिखाया गया वह आंखों में आंसू ला देता है। खलनायक को किसी दया नहीं है। लड़की की हालत देखकर गुस्सा आ रहा है। डॉक्टर का जुनून में इतना हिंसक दृश्य पहले कभी नहीं आया। कैमरा कोण भी बहुत करीब से पकड़े गए हैं जो असली लगता है। दर्द साफ झलक रहा है। चीखें कानों में गूंजती हैं।
लोकेशन बहुत डरावनी है जहां सब कुछ गंदा और अंधेरा है। रोशनी सिर्फ एक बल्ब की है जो माहौल को और भयानक बना रही है। कैदियों की हालत बहुत खराब दिखाई दे रही है। डॉक्टर का जुनून के सेट की रचना की तारीफ करनी होगी। हर कोने से खतरे का अहसास होता है जो कहानी को आगे बढ़ाता है। डर का माहौल है। दीवारें भी डरावनी लग रही हैं।
ताकतवर गुंडे जब हमला करते हैं तो लगता है अब बचना नामुमकिन है। मुक्केबाजी के दृश्य बहुत तेज रफ्तार से फिल्माए गए हैं। खून के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं जो हिंसा को बढ़ावा देते हैं। डॉक्टर का जुनून में मारपीट का यह स्तर नया है। दर्शक सीट के किनारे बैठकर देखने को मजबूर हो जाएंगे। जोश बहुत है। हड्डियों की आवाज आ रही है।
लड़की की आंखों से गिरता एक आंसू भी बहुत कुछ कह जाता है। उसकी बेबसी साफ झलक रही है। कोई उसकी मदद को आगे नहीं आ रहा है। डॉक्टर का जुनून में भावनात्मक नाटक बहुत गहरा है। निकट के दृश्यों ने अभिनेत्री के दर्द को बहुत अच्छे से कैद किया है। यह पल भुलाया नहीं जा सकता। रोना आ जाता है। दिल पसीज जाता है।
पीछे खड़ा वह लड़का जो मुस्कुरा रहा है उसका इरादा क्या है। वह दोस्त है या दुश्मन यह अभी साफ नहीं हुआ। उसकी मुस्कान में छलावा है। डॉक्टर का जुनून की पटकथा में यह किरदार अहम भूमिका निभाएगा। रहस्य बना हुआ है कि आगे क्या होने वाला है। रहस्य गहरा है। चेहरे के भाव बदल रहे हैं।
रस्सियों से बंधे हाथ और जंजीरों की आवाज माहौल को भारी बना देती है। कैदियों को कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। विलेन का घमंड साफ झलक रहा है। डॉक्टर का जुनून में बंधक बनने का यह दृश्य बहुत यादगार होगा। संवाद भी बहुत प्रभावशाली हैं। आवाजें गूंज रही हैं। कमरा बहुत ठंडा लग रहा है।
यह कोई साधारण झगड़ा नहीं बल्कि जानलेवा हमला है। जमीन पर गिरा खून और टूटी हुई कुर्सी सब गवाह हैं। विलेन को रोकने वाला कोई नहीं है। डॉक्टर का जुनून में हिंसा की यह हद चौंकाने वाली है। संपादन बहुत तेज है जो घबराहट बढ़ाती है। सांसें रुक जाती हैं। खून के छींटे उड़ रहे हैं।
लगता है यह कहानी का चरमोत्कर्ष होने वाला है। सभी किरदार एक जगह इकट्ठा हो गए हैं। अब बचाव का कोई रास्ता बचा है या नहीं यह देखना बाकी है। डॉक्टर का जुनून की यह कड़ी सबसे बेहतरीन साबित हुई है। मैं अगला भाग देखने के लिए बेताब हूं। इंतजार नहीं होगा। कहानी बहुत आगे बढ़ेगी।