PreviousLater
Close

(डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेदवां28एपिसोड

2.7K3.7K

(डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद

राहुल परिवार की गोद ली बेटी निशा के तीन प्यारे भाई हैं। असली बेटी अनिता के लौटते ही निशा सिर्फ 'बदल' बनकर रह जाती है और उसे ताने सहने पड़ते हैं। दुख और गलतफहमियों से हारकर वह बड़े भाई के प्रोजेक्ट 'नींद योजना' की वॉलंटियर बन जाती है। एहसान चुकाने के लिए वह 30 साल की नींद में सो जाती है और अपने अंधे दूसरे भाई को आँखें दान कर देती है। उसके गायब होने पर सच्चाई का पता चलता है, लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है। तीनों भाई पछतावे में डूब जाते हैं। 30 साल बाद जब निशा जागती है, वह सब कुछ भूल चुकी होती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

माँ का दर्द देखकर दिल रो पड़ा

माँ के आंसू देखकर दिल दहल गया। जब नौकरानी ने वह डिब्बा दिया, तो सबकी सांसें रुक गईं। उसमें ट्रॉफी और चिट्ठी थी। माँ कांपते हाथों से चिट्ठी पढ़ रही थी। पिताजी चुपचाप सहारा दे रहे थे। तीनों बेटे स्तब्ध खड़े थे। इस दर्दनाक मोड़ ने (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद को नया मोड़ दे दिया। सफेद कपड़े वाली लड़की की यादें ताजा हो गईं। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला था और हर किसी की आंखों में नमी आ गई। सबको बहुत दुख हुआ।

लग्जरी घर में खामोशी का शोर

लग्जरी घर की ठंडक और माँ के आंसूओं का अंतर बहुत गहरा था। पिताजी का चेहरा पत्थर जैसा था, पर आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। नौकरानी ने धीरे से डिब्बा सौंपा। यह सीन देखकर लगता है कि कोई बहुत करीबी जा चुका है। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद की कहानी में यह पल सबसे भारी है। बेटों की चुप्पी सब कुछ कह रही है। परिवार का दर्द साफ झलक रहा था। सब हैरान थे।

अभिनय में जान डाल दी कलाकारों ने

सफेद कार्डिगन वाली लड़की की मुस्कान और माँ का रोना। यह विपरीत भावनाएं दिल तोड़ देती हैं। जब चिट्ठी माँ के हाथ लगी, तो कमरे का सन्नाटा और गहरा गया। तीनों भाई कुछ बोल नहीं पा रहे थे। शायद उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा है। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद में ऐसे सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं। कलाकारों का अभिनय बहुत स्वाभाविक है। हर कलाकार ने अपना किरदार बहुत अच्छे से निभाया है। सबको पसंद आया।

नौकरानी की आंखों में भी नमी थी

नौकरानी की आंखों में भी नमी थी जब उसने वह सामान दिया। माँ का गुलाबी सूट अब आंसूओं से भीग रहा था। पिताजी ने उन्हें संभाला। यह परिवार किसी बड़ी मुसीबत में फंस गया है। ट्रॉफी देखकर लगता है लड़की बहुत होशियार थी। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद की यह कड़ी बहुत भावुक है। काश सब ठीक हो जाए। दर्शक भी इस दर्द को महसूस कर रहे हैं। सब रो पड़े।

धन है पर खुशियां नहीं

तीन बेटे एक लाइन में खड़े थे, जैसे सजा पा रहे हों। माँ की हालत देखकर कोई भी रो पड़े। चिट्ठी में क्या लिखा होगा? शायद आखिरी संदेश। पिताजी का सहारा ही उनकी ताकत बन गया है। इस कहानी (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद ने रूला दिया। सेटिंग बहुत अमीराना है पर खुशियां नहीं हैं। धन से सब नहीं खरीदा जा सकता। यह सच है।

पुरानी यादों का साया

पुरानी यादों में लड़की की हंसी और अब माँ का विलाप। यह कट बहुत तेज और दर्दनाक था। नौकरानी ने बिना कुछ बोले डिब्बा थमा दिया। माँ ने कांपते हुए उसे खोला। तीनों भाईयों की चुप्पी शोर मचा रही थी। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद की यह कहानी में यह मोड़ उम्मीद नहीं था। सब हैरान हैं। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। सब देख रहे हैं।

मोती की माला और आंसू

माँ के गले में मोती की माला थी, जो अब आंसूओं से चमक रही थी। पिताजी का सूट प्रेस था पर चेहरा उतरा हुआ था। नौकरानी ने सिर झुकाकर सम्मान दिया। यह सीन बताता है कि घर में कोई बड़ी घटना हुई है। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद में भावनाओं का बहाव बहुत तेज है। देखने वाले का दिल पसीज जाता है। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा। सबको अच्छा लगा।

ट्रॉफी और आखिरी चिट्ठी

डिब्बे में ट्रॉफी देखकर लगता है लड़की ने कुछ हासिल किया था। पर अब वह नहीं रही। माँ उस चिट्ठी को बार बार पढ़ रही थी। तीनों बेटे शर्मिंदा लग रहे थे। पिताजी ने माँ को गिरने से बचाया। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद का यह हिस्सा सबसे ज्यादा भावुक है। कहानी आगे क्या होगी? लोग इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सब जानना चाहते हैं।

आधुनिक घर का उदास माहौल

कमरे की सजावट बहुत आधुनिक है, पर माहौल भारी है। माँ की चीख निकल रही थी पर आवाज नहीं थी। नौकरानी चुपचाप वापस मुड़ गई। तीनों भाईयों की आंखें लाल थीं। पिताजी सब संभाल रहे थे। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद में परिवार के बंधन टूटते दिख रहे हैं। यह बहुत दुखद है। हर कोई इस गम में शामिल है। सब साथ हैं।

नौकरानी की असरदार भूमिका

आखिर में माँ का रोना रुक नहीं रहा था। चिट्ठी ने सब बदल दिया। सफेद कपड़े वाली लड़की की यादें सबको सता रही थीं। नौकरानी की भूमिका छोटी पर असरदार थी। (डबिंग) लंबी नींद के बाद तीनों भाईयों के बाल सफेद की यह कहानी दिल को छू गई। उम्मीद है अगली कड़ी में सुख मिले। यह कार्यक्रम बहुत प्रभावशाली है। सबको पसंद आया।