मीठे प्यार में डूबी अनिशा को पता चलता है कि उसका बॉयफ्रेंड राजश अपनी पहली प्यार शानी को वापस ला रहा है। शानी के लिए राजश की चिंता देख अनिशा को लगता है कि उनके तीन साल बेकार थे। वह विदेश पढ़ने जाने का फैसला करती है। अगले 30 दिनों में अनिशा धीरे-धीरे दूर होती जाती है। राजश शानी को संभालने में उलझा रहता है और अनिशा के बदलाव को नहीं समझ पाता। आखिरी दिन अनिशा अलविदा कहकर चली जाती है। घर लौटकर राजश को उसका कोई निशान नहीं मिलता। शानी की हरकतों और अनिशा की यादों के बीच उसे एहसास होता है कि उसे अनिशा से