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परछाई का सौदावां74एपिसोड

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परछाई का सौदा

यह कहानी दो ऐसे लोगों की है जो दिखने में बेहद होशियार और ताकतवर लगते हैं, लेकिन अंदर से पूरी तरह टूटे हुए हैं – और फिर वे एक-दूसरे की ओर बढ़ते हैं, एक-दूसरे को बचाने के लिए। नायिका, जो कभी एक बहुत बड़ी वकील थी, अब सहायक की नौकरी के लिए आवेदन कर रही है। लाचार होकर उसे नायक के पास रख दिया जाता है। नाम के लिए वह उसकी खास सहायक है, लेकिन असल में वह उसकी परछाईं प्रेमिका और कॉर्पोरेट जासूस बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अस्पताल का वो फोन कॉल

शुरुआत में ही हल्के रंग की पोशाक वाली लड़की की घबराहट देखकर दिल दहल गया। अस्पताल के कोरिडोर में खड़ी होकर वह किससे बात कर रही थी? चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी। फिर बाहर खड़े नीली जैकेट वाले लड़के का कनेक्शन क्या है? परछाई का सौदा की कहानी में यह फोन कॉल किसी बड़ी मुसीबत की घंटी लग रहा था। हर संवाद के पीछे छिरा राज जानने को मन बेचैन हो उठा। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर ऐसे सस्पेंस देखना बहुत रोमांचक लगता है। आगे क्या होगा यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो रहे हैं।

लग्जरी घर का अंधेरा सच

विशाल घर के अंदर का माहौल बिल्कुल ठंडा और डरावना लग रहा था। नीले वेस्ट वाले बुजुर्ग व्यक्ति की आवाज़ में गुस्सा साफ सुनाई दे रहा था। सामने खड़े सफेद कोट वाले युवक की आंखों में डर था। सोफे पर सिगार पी रहा तीसरा व्यक्ति चुपचाप सब देख रहा था। परछाई का सौदा में परिवार के रिश्तों की यह कड़वी सच्चाई बहुत गहरी लगी। कमरे की सजावट महंगी थी पर रिश्ते टूटे हुए लग रहे थे। हर किसी के चेहरे पर एक मुखौटा साफ दिखाई दे रहा था। यह कहानी हमें बताती है कि पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता।

सीढ़ियों वाला वो खौफनाक पल

जब वह लड़की सीढ़ियों के ऊपर से नीचे झांक रही थी, तो सन्नाटा चीख रहा था। उसकी आंखों में हैरानी और डर दोनों साफ झलक रहे थे। नीचे बैठे लोगों को उसकी खबर नहीं थी। यह दृश्य किसी तूफान के आने से पहले की शांति जैसा था। परछाई का सौदा के इस मोड़ पर कहानी ने पूरी तरह रंग बदल लिया। लग रहा था कि अब कोई बड़ा खुलासा होने वाला है। रोशनी और कैमरा कोण ने इस डर को और बढ़ा दिया था। दर्शक के रूप में मैं भी उसी पल सांस रोके देख रहा था।

सफेद सूट वाले की मजबूरी

सफेद कोट पहने उस युवक की भाषा शरीर बहुत कुछ कह रही थी। वह बुजुर्ग व्यक्ति के सामने हाथ जोड़े खड़ा था जैसे कोई सजा सुन रहा हो। उसकी आंखों में बेबसी साफ दिखाई दे रही थी। शायद वह किसी गलतफहमी में फंस चुका था। परछाई का सौदा की इस कड़ी में पात्रों के बीच की खींचतान बहुत तेज थी। बुजुर्ग व्यक्ति की डांट सुनकर वह सिर झुकाए खड़ा रहा। यह सब देखकर लगता है कि घर का बड़ा राज उसी के पास छिपा है। आगे की कहानी में उसका क्या होगा यह जानना जरूरी है।

सिगार पीने वाले का रहस्य

भूरे रंग की शर्ट वाला व्यक्ति चुपचाप सिगार पी रहा था। उसकी चुप्पी बाकी सबके शोर से ज्यादा खतरनाक लग रही थी। वह न तो कुछ बोल रहा था न ही कोई हिलजुल कर रहा था। बस अपनी आंखों से सब कुछ भांप रहा था। परछाई का सौदा में यह किरदार किसी मास्टरमाइंड जैसा लग रहा था। शायद वह इस पूरे खेल का सूत्रधार है। उसकी शांत मुद्रा के पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हो सकती है। ऐसे किरदार कहानी को एक अलग ही मोड़ दे देते हैं।

परिवार के रिश्तों की जंग

इस वीडियो में खून के रिश्तों की लड़ाई बहुत साफ दिखाई दी। एक तरफ गुस्से में बुजुर्ग व्यक्ति थे तो दूसरी तरफ चुप खड़े युवक थे। बीच में वह लड़की फंस गई जो अस्पताल से आई थी। परछाई का सौदा की कहानी में परिवार का बंधन टूटता हुआ लग रहा था। हर कोई अपने फायदे के लिए कुछ न कुछ छिपा रहा था। यह सिर्फ एक घर की लड़ाई नहीं बल्कि भावनात्मक युद्ध था। ऐसे नाटक देखकर अपने ही परिवार की कद्र करने को मन करता है।

रात के फोन का असर

रात के समय बाहर खड़े नीली जैकेट वाले लड़के का फोन कॉल महत्वपूर्ण था। उसकी आवाज़ में घबराहट साफ झलक रही थी। शायद उसे अस्पताल वाली खबर मिल चुकी थी। यह कॉल पूरी कहानी की शुरुआत का बिंदु लग रहा था। परछाई का सौदा में हर छोटी घटना बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही थी। रात का अंधेरा और फोन की रोशनी ने माहौल बना दिया था। यह दृश्य बताता है कि कैसे एक कॉल जीवन बदल सकता है।

अस्पताल से घर तक का सफर

कहानी अस्पताल के कोरिडोर से शुरू होकर एक लग्जरी घर में पहुंचती है। यह जगह का बदलाव कहानी के लहजे को बदल रहा था। अस्पताल में चिंता थी तो घर में गुस्सा था। परछाई का सौदा के इस सफर में दो अलग दुनिया दिखाई दीं। एक तरफ इलाज की जगह थी तो दूसरी तरफ बीमारी जैसे रिश्ते थे। यह विरोधाभास बहुत ही खूबसूरती से दिखाया गया था। दर्शक को दोनों जगह की वजह जानने की उत्सुकता होती है।

निर्देशन और मूड सेटिंग

इस वीडियो क्लिप का निर्देशन बहुत ही दमदार लग रहा था। नीली रोशनी ने अस्पताल के दृश्य को ठंडा बना दिया था। घर के अंदर की गर्म रोशनी ने अमीरी दिखाई पर माहौल ठंडा था। परछाई का सौदा की दृश्य कहानी कहने का तरीका बहुत प्रभावशाली था। कैमरा हर पात्र के चेहरे के भाव को कैप्चर कर रहा था। बिना ज्यादा संवाद के ही सब कुछ समझ आ रहा था। यह तकनीक दर्शकों को कहानी में बांधे रखती है।

अंत में खुलासा होने वाला है

वीडियो के अंत में वह लड़की सीढ़ियों पर खड़ी होकर सब देख रही थी। यह अधूरा अंत बहुत ही शानदार तरीके से सेट किया गया था। अब सवाल यह है कि वह क्या देख रही है और क्यों डरी हुई है। परछाई का सौदा के अगले भाग में सब कुछ साफ हो जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही इस राज से पर्दा उठेगा। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर ऐसी श्रृंखला देखना बहुत मजेदार अनुभव है। हर कड़ी के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है।