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बिखरे राज़वां48एपिसोड

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बिखरे राज़

तारा की ज़िंदगी में एक दिन सब कुछ बदल जाता है। उसका दिल उसके ज़िंदा रहते ही निकाल लिया जाता है। उसकी आत्मा घर लौटती है, और वहाँ क्या देखती है? उसका पूरा परिवार सोनिया को बधाई दे रहा है — क्योंकि उसने नवीन के लिए दिल दान करने वाला ढूंढ लिया है। उसके अपने माँ-बाप, जिनमें पिता पुलिस कमिश्नर हैं और माँ फोरेंसिक एक्सपर्ट हैं, शहर के सबसे बड़े शव-विच्छेदन मामले की जाँच में लग जाते हैं। पर वे यह नहीं पहचान पाते कि वह लाश उनकी अपनी बेटी की है। क्या तारा के माँ-बाप को कभी सच पता चलेगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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माँ और बेटी का दर्दनाक संघर्ष

इस कार्यक्रम में माँ और बेटी के बीच का गुस्सा साफ़ दिख रहा था। पुलिस का आना किसी को उम्मीद नहीं था। बिखरे राज़ की कहानी हर मोड़ पर चौंकाती है। माँ की आँखों में दर्द देखकर बुरा लगा। काश हमें सच जल्दी पता चल जाए। अभिनय बहुत दमदार है और दृश्य बहुत भावनात्मक हैं। देखने वालों को यह पसंद आएगा। सच में बहुत अच्छा लगा।

रहस्यमयी चमकती हुई लड़की

जो लड़की चमक रही थी वो कोई साधारण इंसान नहीं लग रही। उसके हाथों से निकली रोशनी ने सबका ध्यान खींचा। बिखरे राज़ में जादुई तत्व का इस्तेमाल बढ़िया है। वो चुपचाप सब देख रही थी। क्या वो किसी की आत्मा है? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। विशेष प्रभाव की गुणवत्ता भी अच्छी है। प्लेटफॉर्म पर देखने का मज़ा आया। मुझे यह पसंद है।

गिरफ्तारी का तनावपूर्ण दृश्य

गिरफ्तारी का दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। लड़की चिल्ला रही थी पर पुलिस नहीं रुकी। बिखरे राज़ की रफ़्तार बहुत तेज़ है। माँ बेचारी कुछ कर नहीं पाई। उसकी मदद के लिए आगे आए व्यक्ति ने संभाला। कहानी में उथल पुथल मची है। अगली कड़ी कब आएगी? इंतज़ार नहीं हो रहा। सबको देखना चाहिए। यह बहुत रोमांचक है।

माँ के आँसू और पिघला दिल

माँ का रोना किसी के भी दिल को पिघला दे। उसने अपनी बेटी को गले लगा लिया था। बिखरे राज़ में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है। बूढ़े आदमी ने उसे ढांढस बंधाया। दृश्य के पीछे का दर्द साफ़ झलकता है। कलाकारों ने जान डाल दी है। मैं खुद को रोक नहीं पाया। यह कार्यक्रम दिल को छू लेता है। सच में बहुत भावुक कर देने वाला है।

चुपचाप देखने वाला लड़का

चमड़े का कोट पहने लड़का बस देखता रहा। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। बिखरे राज़ में हर किरदार का अपना राज़ है। वो क्यों चुप था? क्या उसे सब पता था? इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए। कहानी में कई परतें हैं। दर्शक को बांधे रखने के लिए काफी है। मुझे यह पहेली सुलझानी है। बहुत ही रोचक लग रहा है।

रंगमंच का भव्य सेट

रंगमंच का सेट बहुत भव्य लग रहा था। लाल पर्दे के सामने यह नाटक हुआ। बिखरे राज़ की निर्माण गुणवत्ता अच्छी है। रोशनी और छाया का खेल कमाल का था। हर दृश्य एक तस्वीर जैसा लग रहा है। निर्देशक ने मेहनत की है। देखने में बहुत अच्छा लगता है। ऐसे दृश्य बार बार देखने को जी चाहता है। कलाकारी बेमिसाल है।

सच्चाई क्या है कोई नहीं जानता

असल में क्या हुआ था यह किसी को पता नहीं। लड़की पर क्या इल्जाम था? बिखरे राज़ की पटकथा बहुत मज़बूत है। पुलिस वाले कड़े लग रहे थे। माँ की चीखें गूंज रही थीं। हॉल में सन्नाटा छा गया था। यह नाटक नहीं असलियत लग रहा था। मैं हैरान रह गया। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी? जानने की उत्सुकता है।

जादुई शक्ति और उदासी

चमकती हुई लड़की के हाथों में कुछ शक्ति थी। उसने छूने की कोशिश की पर रुक गई। बिखरे राज़ में जादू और सच का मिश्रण है। क्या वो बचाना चाहती थी? या बस देखना चाहती थी? उसके चेहरे पर उदासी थी। यह किरदार बहुत रहस्यमयी है। मुझे इसके बारे में और जानना है। विशेष प्रभाव ने जान डाल दी।

परिवार के झगड़े और गुस्सा

माँ और बेटी की लड़ाई देखकर बुरा लगा। एक दूसरे को पकड़ रहे थे। बिखरे राज़ में परिवार के झगड़े दिखाए हैं। गुस्सा और नफरत साफ़ दिख रहा था। फिर अचानक पुलिस आ गई। सब कुछ बदल गया। यह मोड़ किसी को उम्मीद नहीं था। मैं तो दंग रह गया। ऐसे ही और दृश्य चाहिए। कार्यक्रम बहुत रोचक है।

अंत में टूट कर रो पड़ी माँ

अंत में माँ टूट कर रो पड़ी। उसका दर्द देखना मुश्किल था। बिखरे राज़ ने भावनाओं की हद पार कर दी। बूढ़े आदमी ने सहारा दिया। पर बेटी चली गई। यह बिछड़ना भारी पड़ रहा है। कहानी बहुत गहरी है। हर कोई इससे जुड़ सकता है। मेरी राय में यह सबसे अच्छा कार्यक्रम है। जरूर देखें और बताएं।