संजना का पुनर्जन्म देखकर हैरानी हुई। पिछले जन्म का बदला लेने वो वापस आयी है। शालू भी वापस आ गयी लगता है। दोनों बहनों के बीच की जंग देखने लायक है। डब्ड बदला स्वयंवर का प्लॉट बहुत टाइट है। करन का स्वयंवर सीन सस्पेंस से भरा था। संजना की आँखों में चमक देखकर लगता है वो हार नहीं मानेगी। ये कहानी हमें बताती है कि किस्मत लिखी नहीं जाती।
शालू ने पिछले जन्म में संजना को धोखा दिया था। अब जब वो दोनों वापस आये हैं, तो बदलाव जरूरी है। स्वयंवर का सीन बहुत ड्रामेटिक था। डब्ड बदला स्वयंवर में एक्टिंग जबरदस्त है। संजना अब चुप नहीं बैठेगी। वो अपनी किस्मत खुद लिखेगी। करन सिन्हा का कैरेक्टर भी मिस्टीरियस लग रहा है। देखना है कौन जीतेगा।
पिछले जन्म की यादें संजना को सताती हैं। उसने कसम खाई है कि वो अपना हक लेगी। शालू की चालाकी अब काम नहीं आयेगी। डब्ड बदला स्वयंवर की स्टोरी यूनिक है। बहनों के बीच का रिवलरी देखकर गुस्सा आता है। संजना अब पहचान बदल चुकी है। वो शांत है पर अंदर से तूफान है। ये सीरीज देखने में मजा देती है।
करन सिन्हा ने गेंद पकड़ी और सब हैरान रह गये। शालू को लगा वो जीत गयी पर संजना मुस्कुरा रही थी। डब्ड बदला स्वयंवर में ट्विस्ट बहुत है। संजना का पुनर्जन्म उसके लिए वरदान है। वो अपनी इज्जत बचायेगी। शालू की नियत साफ नहीं है। पेरेंट्स को भी नहीं पता क्या चल रहा है। ये ड्रामा हर मोड़ पर सरप्राइज देता है।
संजना और शालू दोनों का पुनर्जन्म होना बड़ी बात है। दोनों अपनी किस्मत बदलना चाहती हैं। डब्ड बदला स्वयंवर का नैरेटिव स्ट्रॉन्ग है। संजना ने शांति चुनी है पर वो तैयार है। शालू जल्दी बाजी में है। करन का रोल इम्पोर्टेन्ट होने वाला है। ये कहानी दिलचस्प मोड़ ले रही है। हर एपिसोड में कुछ नया है।
पिछले जन्म का खून अब याद आ रहा है। संजना ने कसम खाई है कि वो चुप नहीं रहेगी। डब्ड बदला स्वयंवर में इमोशन बहुत है। संजना की आँखों में दर्द साफ दिखता है। शालू को लगता है वो चालाकी से जीत लेगी। पर संजना एक कदम आगे है। ये सीरीज देखकर लगता है न्याय होगा।
स्वयंवर का दिन दोनों बहनों के लिए फैसला कुन है। शालू ने पहले बाजी मारी पर संजना हार नहीं मानी। डब्ड बदला स्वयंवर की सेटिंग बहुत अच्छी है। कॉस्ट्यूम और डायलॉग परफेक्ट हैं। संजना अब समझदार हो गयी है। वो गुस्से में नहीं दिमाग से काम लेगी। करन का एंट्री धमाकेदार था। आगे क्या होगा देखना बाकी है।
संजना को एहसास हुआ कि वो वापस आ गयी है। उसने सोचा था वो अकेली है पर शालू भी है। डब्ड बदला स्वयंवर में सस्पेंस बरकरार है। दोनों बहनों की लड़ाई देखने लायक है। संजना अब कमजोर नहीं है। वो अपने हक के लिए लड़ेगी। शालू की चालाकी उसके काम नहीं आयेगी। ये स्टोरी बहुत एंगेजिंग है।
करन सिन्हा का परिवार शाही है। शालू उनसे रिश्ता जोड़ना चाहती है। संजना को सब पता है। डब्ड बदला स्वयंवर में पावर डायनामिक्स दिखाई गयी है। संजना चुपचाप सब देख रही है। वो अपना वक्त आने का इंतजार कर रही है। शालू की खुशी जल्दी खत्म होगी। ये ड्रामा हर किसी को पसंद आयेगा।
अंत में संजना की मुस्कुराहट ने सब बता दिया। वो हार नहीं मानेगी। शालू को लगता है वो जीत गयी। डब्ड बदला स्वयंवर का क्लाइमेक्स इंटरेस्टिंग होगा। संजना का कैरेक्टर स्ट्रॉन्ग है। वो अपनी किस्मत खुद बनायेगी। शालू की चालाकी अब नाकामी होगी। ये सीरीज देखने में बहुत अच्छी लगती है।
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