जब वह कार से उतरा, तो लगा जैसे कोई फिल्म का सीन हो। दोनों लड़कियों की आँखों में चमक और हैरानी साफ दिख रही थी। सफेद पोशाक वाली लड़की का क्लच पकड़ना, फिर उससे गले मिलना — सब कुछ इतना प्राकृतिक और भावनात्मक था। बड़े साहब, यह बच्चा आपका नहीं की कहानी में ऐसे पल ही तो जान डालते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखते वक्त लगा जैसे मैं भी वहीं खड़ी हूँ, साँस रोके देख रही हूँ। हर एक्सप्रेशन, हर मुस्कान दिल को छू गई।