इस दृश्य में दादी माँ का किरदार सबसे ज्यादा दिल को छू गया। उनकी मुस्कान और बात करने का तरीका ऐसा है जैसे घर में सुकून भर देती हों। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में जब वो नई बहू से मिलती हैं, तो लगता है कि असली रिश्तेदारी वहीं से शुरू होती है। उनका हर इशारा और आशीर्वाद भरा हाथ पकड़ना बहुत भावुक था।
जब वो लड़का दरवाजा खोलने आया और अंदर का नज़ारा देखा, तो उसके चेहरे का भाव देखकर हंसी नहीं रुक रही थी। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी का ये मोड़ बहुत अनपेक्षित था। एक तरफ शांत माहौल और दूसरी तरफ अचानक आया ये धमाका, जिसने पूरे सीन का माहौल बदल दिया। रहस्य बनाए रखने का ये तरीका कमाल का है।
बैठक कक्ष में वो सीन जहाँ ग्रे सूट वाला व्यक्ति सोफे पर लेटा है और बाकी सब खड़े हैं, सत्ता संतुलन को बहुत अच्छे से दिखाता है। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में ये तनाव साफ दिखती है कि कौन प्रभावी है और कौन दबा हुआ महसूस कर रहा है। उसकी आँखों में हैरानी और गुस्सा दोनों साफ झलक रहे थे, जो अभिनय की दाद मांगता है।
भीड़ में वो छोटा बच्चा सबसे अलग लग रहा था। उसकी मासूम आँखें और हैरान चेहरा बता रहा था कि उसे कुछ समझ नहीं आ रहा। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में बच्चों की प्रतिक्रिया अक्सर सबसे सच्चा होता है। जब उसे गोद में उठाया गया, तो लगा कि वही इस तनावपूर्ण माहौल का एकमात्र सुकून है।
नीली पोशाक पहनी वो महिला बहुत रहस्यमयी लग रही थीं। उनके चेहरे पर कोई भाव नहीं था, बस एक गंभीरता थी जो बाकी सबके शोर से अलग थी। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में उनका प्रवेश करते ही माहौल बदल गया। लगता है कि कहानी में उनकी भूमिका बहुत अहम होने वाली है और वो किसी बड़े खुलासे की चाबी हैं।