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मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताईवां1एपिसोड

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मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई

नायक हमेशा निर्माण स्थल पर मजदूरी करता था ताकि उसकी प्रेमिका पढ़ सके। जिस दिन उसकी प्रेमिका की पढ़ाई खत्म हुई, उसने शादी का प्रस्ताव रखा। लेकिन उसने मना कर दिया और उसके सबसे अच्छे दोस्त से सगाई कर ली। यह देखकर नायिका ने नायक की ईमानदारी को सराहा और उससे शादी कर ली...
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजीव की मेहनत रंग लाई

राजीव शर्मा की मेहनत को कोई नहीं समझा। मीरा ने पैसे के चक्कर में प्यार ठुकरा दिया। जब सरीता सिंह ने वो अंगूठी उठाई, तो सबकी आंखें खुल गईं। गरीबी अपराध नहीं है। इस कहानी में मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई का सही मतलब दिखाया गया है। राजीव की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। काश मीरा को पहले समझ आता। अब पछतावे के सिवा कुछ नहीं बचा। सरीता का प्रवेश सीन बहुत दमदार था। लाल गाड़ी और काला पोशाक, सबका ध्यान खींच लिया। राजीव अब खुश रहेगा।

मीरा की गलत फहमी

मीरा वर्मा के माता-पिता ने बेटी की खुशियां बेच दीं। सरज वर्मा की मजबूरी समझ आती है पर गलत फैसला लिया। राजीव ने ईमानदारी से प्यार निभाया। जब अंगूठी जमीन पर गिरी, तो लग गया कुछ गड़बड़ है। सरीता सिंह ने मौका नहीं गंवाया। ये दृश्य दिल को छू गया। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई देखकर लगता है कि किस्मत बदल रही है। राजीव अब अकेला नहीं है। सरीता का व्यक्तित्व बहुत मजबूत है। वो जानती है क्या चाहिए। मीरा अब क्या करेगी?सब देख रहे हैं।

सेब और अंगूठी का किस्सा

सेब गिरने वाला दृश्य बहुत प्यारा था। राजीव ने बिना कुछ सोचे मदद की। सरीता को शायद तभी पसंद आ गया। बाद में प्रस्ताव दृश्य में राजीव की घबराहट साफ दिखी। मीरा ने ठुकरा दिया तो दिल टूट गया। माता-पिता का दबाव बहुत था। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई में यही दिखाया है कि पैसा सब कुछ नहीं। सरीता ने अंगूठी उठाकर संदेश दे दिया। अब मीरा के चेहरे पर अफसोस है। राजीव की किस्मत चमक गई। निर्माण स्थल से सीधे आलीशान जीवन। सही इंसान को सही इनाम मिला।

भूतकाल का सच

भूतकाल के दृश्य में मीरा के घर की हालत खराब थी। सुमन शर्मा की डांट सुनकर बुरा लगा। पर इसका मतलब ये नहीं कि राजीव को ठुकरा दें। राजीव ने मेहनत करके सब पाया। जब सरीता आई, तो सब हैरान रह गए। लाल रंग की तेज गाड़ी देखकर सबकी बोलती बंद हो गई। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई का शीर्षक सही बैठता है। मीरा को अब अपनी गलती का अहसास हुआ। राजीव की आंखों में अब उम्मीद है। सरीता का अंदाज बहुत शानदार है। वो सिर्फ अमीर नहीं, दिल की भी अच्छी लगती है। राजीव को नई जिंदगी मिली।

अंगूठी का असली मतलब

अंगूठी का डिब्बा खोलते वक्त राजीव की उम्मीदें टूट गईं। मीरा ने मना कर दिया। माता-पिता ने भी साथ नहीं दिया। ये दृश्य बहुत भावुक था। फिर सरीता सिंह का प्रवेश हुआ। उन्होंने जमीन से अंगूठी उठाई। ये प्रतीक था। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई में मोड़ बहुत अच्छा लगा। राजीव अब सिर ऊंचा करके खड़ा है। मीरा और उसके माता-पिता चुप हैं। सरीता की मुस्कान सब बता रही है। राजीव की मेहनत रंग लाई। अब कहानी नया मोड़ लेगी। सबको सबक मिल गया। प्यार की कीमत पैसे से नहीं आंकनी चाहिए।

इंसानियत की जीत

राजीव शर्मा का किरदार बहुत असली लगा। मजदूरों की जिंदगी मुश्किल होती है। पर उसने हार नहीं मानी। मीरा को लगा पैसा ही सब है। पर सरीता ने दिखाया कि इंसानियत बड़ी चीज है। जब वो गाड़ी से उतरी, तो सबका ध्यान खिंच गया। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई देखकर अच्छा लगा। राजीव को न्याय मिला। मीरा के कानों में बड़े झुमके थे, पर दिल खाली था। सरीता ने अंगूठी संभाल कर रखी। ये रिश्ता आगे बढ़ेगा। राजीव की किस्मत खुल गई। अब मीरा पछताएगी। ये कहानी दिल को छू गई।

सीढ़ियों वाला दृश्य

दृश्य में जब राजीव सीढ़ियों पर बैठा था, तो अकेलापन साफ दिख रहा था। सेब खा रहा था, पर दिल उदास था। तभी मीरा आई, पर बदल चुकी थी। उसके कपड़े बदल गए थे। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई में ये बदलाव अच्छा दिखाया। सरीता सिंह का किरदार बहुत शक्तिशाली है। उन्होंने राजीव का साथ दिया। माता-पिता अब क्या सोच रहे होंगे?सरज वर्मा की आंखों में शर्म थी। सुमन शर्मा चुप थीं। राजीव ने सबको जवाब दे दिया। बिना बोले सब समझ गए। सरीता की पसंद सही है। राजीव काबिल है।

लाल गाड़ी का जादू

दृश्य की शुरुआत में लाल गाड़ी बहुत आकर्षक थी। गाड़ी का नंबर भी खास था। सरीता सिंह का परिचय शानदार था। फिर राजीव का परिचय हुआ। दोनों की दुनिया अलग थी। पर किस्मत ने मिला दिया। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई में ये टकराव देखने लायक था। मीरा ने गलत रास्ता चुना। अब वो देख रही है। राजीव के पास अब सब कुछ है। सरीता ने उसे पहचाना। अंगूठी वाली बात बहुत गहरी थी। राजीव ने प्यार दिया, मीरा ने ठुकराया। सरीता ने कद्र की। यही फर्क है।

तीन साल का सफर

तीन साल पहले का दृश्य बहुत भावुक था। मीरा को दाखिला मिला था। घर में पैसे नहीं थे। माता-पिता ने गलत फैसला लिया। राजीव ने मदद की थी। पर अब वक्त बदल गया। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई में ये बात साबित हुई। राजीव अब सफल है। मीरा को अपनी गलती दिख रही है। सरीता सिंह ने सही वक्त पर प्रवेश लिया। वो राजीव की कद्र जानती है। माता-पिता अब चुप हैं। राजीव की आंखों में अब चमक है। ये कहानी बहुत प्रेरणादायक है। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। सबको सबक मिला।

अंत की खुशी

अंत में जब सरीता ने अंगूठी उठाई, तो मीरा का चेहरा देखने लायक था। उसे अपनी गलती समझ आ गई। पर अब बहुत देर हो चुकी थी। राजीव आगे बढ़ गया। मज़दूर की शादी, पूर्व प्रेमिका पछताई का अंत संतोषजनक है। राजीव शर्मा अब अकेला नहीं है। सरीता सिंह उसका साथ देंगी। माता-पिता को अपनी औकात याद आ गई। सरज वर्मा का चेहरा उतर गया। सुमन शर्मा हैरान हैं। मीरा अब क्या करेगी?राजीव की जिंदगी में नई खुशियां आएंगी। ये दृश्य बहुत अच्छा बना है। सबको देखना चाहिए। प्यार और मेहनत की जीत हुई।