इस सीन में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जब वह आदमी कागज फेंकता है, तो लगता है जैसे रिश्तों की इज्जत भी हवा में उड़ गई हो। महिला की आंखों में डर और हैरानी साफ दिख रही है, जैसे वह किसी बड़े धोखे का सामना कर रही हो। माफिया डैडी के छह अनोखे बच्चे वाले इस ड्रामे में हर चेहरे पर एक अलग कहानी लिखी है। बैकग्राउंड में खड़े गुंडे और सख्त मिजाज लोग माहौल को और भी खतरनाक बना रहे हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं, बिल्कुल असली लगता है सब कुछ।