रंगे हाथ पकड़ा गया में माँ का चेहरा देखकर दिल दहल गया। बेटी की नाराज़गी और पति की चुप्पी—सब कुछ इतना वास्तविक लगा कि मैं भी उस कमरे में बैठकर साँस रोककर देख रही थी। हर नज़र, हर खामोशी में एक तूफ़ान छुपा था। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना एक अलग ही अनुभव है—जैसे खुद उस परिवार का हिस्सा बन गई हूँ।