शुरुआत में रथ की धीमी चाल और कोचवान की घबराहट देखकर लगा कि अब बड़ा हंगामा होने वाला है। लेकिन जैसे ही वो नीले पोशाक वाला व्यक्ति बाहर आया, सब कुछ बदल गया। उसने बिना हथियार उठाए दुश्मनों को ऐसे देखा जैसे वे मक्खियाँ हों। समय-यात्रा, विनाशकारी शुरुआत वाले पल में जब धमाका हुआ, तो दुश्मनों का बिखरना किसी जादू से कम नहीं था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है।
हमलावरों के नेता की आँखों में जब नायक को देखा, तो वहाँ आत्मविश्वास नहीं, बल्कि एक अजीब सी घबराहट थी। शायद उसे अंदाजा था कि उसने गलत व्यक्ति को चुनौती दी है। जमीन पर लेटे हुए उसका चेहरा और नायक का ऊपर से देखना, यह शक्ति संतुलन बहुत गजब का था। समय-यात्रा, विनाशकारी शुरुआत के संदर्भ में यह लगता है कि यह पहली मुलाकात नहीं है। हर भाव-भंगिमा में कहानी छिपी थी।
धमाके के बाद जब धूल छंटी, तो रास्ते पर सिर्फ गिरे हुए हमलावर थे और वो शांत खड़ा व्यक्ति। उसने न तो खुशी मनाई, न ही राहत की सांस ली। बस ऐसे खड़ा रहा जैसे यह रोज का काम हो। पीछे खड़ी महिला की चिंता और उसकी बेपरवाही का विरोधाभास देखने लायक था। समय-यात्रा, विनाशकारी शुरुआत वाले मोड़ पर यह शांति सबसे ज्यादा डरावनी लग रही थी। नेटशॉर्ट ऐप की गुणवत्ता ने इसे और भी असली बना दिया।
उसके कपड़ों के डिजाइन से लगता है कि वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। जब वह हमलावरों के पास जाता है और झुककर उन्हें देखता है, तो उसके चेहरे पर नफरत नहीं, बल्कि एक अजीब सी जिज्ञासा थी। शायद वह किसी पुराने दुश्मन को पहचानने की कोशिश कर रहा था। समय-यात्रा, विनाशकारी शुरुआत के पल में उसकी यह हरकत सबसे ज्यादा हैरान करने वाली थी। उसकी आँखों में एक गहरा राज छिपा हुआ लग रहा था।
शुरुआत में वह रथ के अंदर डरी हुई लग रही थी, लेकिन जैसे ही हमला हुआ, उसने हिम्मत नहीं हारी। जब सब खत्म हुआ, तो वह रथ से उतरकर बाहर आई, लेकिन दूर ही खड़ी रही। उसकी आँखों में नायक के लिए सम्मान और थोड़ा सा डर दोनों था। समय-यात्रा, विनाशकारी शुरुआत वाले सीन में उसकी प्रतिक्रिया बहुत स्वाभाविक लगा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार देखना अच्छा लगता है जो सिर्फ केवल दिखावे के लिए न हों।