शादी से एक रात पहले पलक को पता चला कि हर्ष अपनी पूर्व प्रेमिका मृदुला को नहीं भूला। टूटी हुई पलक सड़क पर हर्षित से मिली। हर्ष और मृदुला को एक साथ देखकर पलक ने हर्षित से नशे में शादी कर ली। सुबह उसे पछतावा हुआ मगर शादी हो चुकी थी। धीरे-धीरे दोनों में प्यार बढ़ने लगा। एक दिन पलक को हर्षित की पीठ पर निशान दिखाई दिया और सच सामने आया—वही हर्षित था जो उसे आग से बचाया था। दस साल का गलत प्यार अब सही जगह पनप रहा था।