सूर्यगढ़ की उपेक्षित राजकुमारी अनन्या सौतेली माँ और बहन मीरा के अत्याचार सहती है। उसका एकमात्र भरोसेमंद अंगरक्षक वीर दरअसल देवराज्य का युवराज है जो मीरा को पाने आया था। युद्ध हारकर अनन्या जनजातीय सरदार रुद्र से शांति विवाह करती है। वीर के अत्याचार से बचकर वह रुद्र से प्रेम पाती है। अंत में अनन्या रुद्र और अपने भाई के साथ मिलकर वीर को हराती है और रुद्र के साथ नई जिंदगी शुरू करती है।