नायक देश के सबसे अमीर आदमी का बेटा है, लेकिन उसने अपनी पहचान छुपाकर अपनी प्रेमिका के साथ ज़ीरो से शुरुआत की और उसकी कंपनी को शेयर मार्केट तक पहुँचाया। लेकिन कामयाबी मिलते ही प्रेमिका का मन बदल गया। उसे नायक की "गरीबी" से नफरत होने लगी, उसने उसे धोखा दिया और बेइज़्ज़त करके घर से निकाल दिया। नायक चुपचाप सब सहकर चला गया। लेकिन कहानी का असली मोड़ तब आता है, जब करोड़ों की एक बड़ी बिज़नेस मीटिंग में वह अपनी असली पहचान—अरबपति वारिस के रूप में—सबके सामने ज़ाहिर करता है।