प्रिया को कबीर का दिवालियापन नागवार गुजरा। उसने बहन अंजलि के मंगेतर राहुल संग धोखा किया, सगाई बदलवा दी—अंजलि की शादी “गरीब” कबीर से तय। अचानक कबीर के दादा, एक माफिया सरदार, ने उसे वारिस बना लिया। अंजलि ने धोखे वाली अमीरी छोड़, सादगी चुनकर कबीर से शादी कर ली। कबीर उसे पहली नजर में दिल दे बैठा, शादी के बाद रानी की तरह रखने लगा। जब प्रिया को हकीकत पता चली कि ठुकराया गया शख्स माफिया वारिस है, तब तक देर हो चुकी थी। उसे सजा मिली, अंजलि और कबीर गहरे प्रेम में बंध चुके थे।