एक दशक पहले, योद्धा रानी, जानवी फाइटिंग टूर्नामेंट सर्किट को बेनकाब कर एक गृहिणी “जानवी” बनकर रहने लगी। उसके चिरशत्रु, ललित ठाकुर व उसके बेटे हरी ने उसके बेटे को अगवा कर लिया। परिवार की खातिर जानवी “ललिता” नाम से मैदान में उतरी पर हार गई। उसके डिलीवरीमैन पति, राकेश ने किसी पेशेवर फाइटर जैसे लड़कर हमलावरों को हरा दिया। ललित ने जानवी के पुराने दुश्मनों के साथ, उसे मारने की कोशिश की। लेकिन राकेश के ताकतवर वारों से स्मिथ गैंग हार गई। तब, उन्होंने अपने पिछले दस सालों के उलझे सच का सामना किया।