सुनहरे हार वाले राजा ने सोचा था वह सब कुछ नियंत्रित कर सकता है। लेकिन एक चाल, देवता मोड ने सब कुछ उलट दिया। उसकी आवाज़ कांप गई, चेहरे पर भय छा गया। शक्तिशाली लगने वाला व्यक्ति भी कमजोर पड़ गया।
वह हमेशा मुस्कुराता रहता था, लेकिन आज उसकी मुस्कान गायब थी। एक चाल, देवता मोड ने उसकी चालाकी को बेअसर कर दिया। उसकी आँखों में अब केवल हैरानी थी। शायद उसे एहसास हुआ कि कुछ शक्तियाँ नियंत्रण से बाहर होती हैं।
उसने कभी झुकना नहीं सीखा था, लेकिन आज उसने सिर झुकाया। एक चाल, देवता मोड ने उसे भी विनम्र बना दिया। उसकी आँखों में सम्मान था, डर नहीं। वह जानता था कि असली शक्ति क्या होती है।
जब त्रिशूल चमका, तो पूरा मैदान गूंज उठा। एक चाल, देवता मोड ने सबको हैरान कर दिया। महिलाएं चीखीं, पुरुष स्तब्ध रह गए। यह कोई साधारण युद्ध नहीं था, यह तो देवताओं का खेल था।
उसकी आँखों में डर नहीं, आग थी। एक चाल, देवता मोड ने उसे नई पहचान दी। वह अब केवल एक साधारण योद्धा नहीं रहा। उसकी पकड़ में त्रिशूल था, और दिल में न्याय की आग।