दोनों भाईयों ने मिलकर जिस तरह अपने ही खून को जलाने की साजिश रची, वह दिल दहला देने वाला था। एक चाल, देवता मोड का यह एपिसोड सच में सबसे ज्यादा इमोशनल था। उस लड़के की चीखें आज भी कानों में गूंज रही हैं।
स्टेडियम में बैठे लोग सिर्फ तमाशबीन नहीं, बल्कि हिंसक भेड़िए लग रहे थे। जब बारिश शुरू हुई तो सबकी आंखों में डर था। एक चाल, देवता मोड ने दिखाया कि इंसानियत कितनी जल्दी खत्म हो सकती है। बर्फ और खून का मिलाजुला दृश्य अद्भुत था।
उस बेचारे लड़के की कलाई पर बंधी रस्सी देखकर मेरा दिल पसीज गया। वह चिल्ला रहा था पर कोई सुनने वाला नहीं था। एक चाल, देवता मोड में ऐसे दर्दनाक सीन्स कम ही मिलते हैं। उसकी आंखों में मौत का डर साफ झलक रहा था।
वह बूढ़ा आदमी जो हंस रहा था, उसकी हंसी में इतनी बर्बरता थी कि मैं कांप उठा। एक चाल, देवता मोड के विलेन्स में वह सबसे खतरनाक लग रहा था। उसकी हरी पोशाक और सफेद दाढ़ी उसे और भी डरावना बना रही थी।
जब दोनों भाई मशालें लेकर आगे बढ़े, तो लगा जैसे मौत खुद चलकर आ रही हो। एक चाल, देवता मोड का यह सीन सिनेमेटोग्राफी का बेहतरीन उदाहरण था। आग की लपटें और चेहरों पर मुस्कान - विरोधाभास कितना खौफनाक था!