नीला त्रिशूल जब जमीन में गड़ा, तो लगा जैसे देवता स्वयं उतर आए हों। एक चाल, देवता मोड में यह दृश्य सबसे शक्तिशाली था। कवच पहने योद्धा की मुद्रा में ऐसा गर्व था जो दर्शकों को भी झकझोर दे। बर्फ और लोहे का संगम अद्भुत था।
स्टेडियम में हजारों लोग थे, पर सब चुप। एक चाल, देवता मोड में यह खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी लग रही थी। जब मशालें जलीं, तो लगा जैसे अंधेरा चीख रहा हो। हर चेहरे पर एक सवाल था – क्या होगा आगे?
सफेद दाढ़ी वाले वृद्ध की आँखों में ऐसा ज्ञान था जो सदियों का बोझ लिए हुए था। एक चाल, देवता मोड में उनका हर भाव गहराई से भरा था। जब उन्होंने बात की, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उनकी उपस्थिति ही एक शक्ति थी।
बंधी हुई महिला की आँखें बंद थीं, पर चेहरे पर डर नहीं, शांति थी। एक चाल, देवता मोड में यह दृश्य दिल को छू गया। उसकी चुप्पी में एक विद्रोह था जो शब्दों से ज्यादा ताकतवर लग रहा था। बर्फ पर खड़ी वह मूर्ति सी लग रही थी।
जब कवचधारी योद्धा ने हाथ उठाए, तो लगा जैसे आकाश फट पड़े। एक चाल, देवता मोड में उनका क्रोध इतना तीव्र था कि हवा भी थरथरा उठी। उनकी आवाज़ में ऐसा दर्द था जो हर दर्शक के दिल में उतर गया। यह दृश्य यादगार था।