राजकुमार की आँखों में शक साफ़ दिख रहा था, लेकिन उस युवती की हिम्मत देखकर दांतों तले उंगली दबानी पड़ती है। एक महीने की मेहनत को वह ऐसे तुच्छ नहीं समझ सकते। जब उसने गुप्त स्थान दिखाया, तो माहौल में एक अलग ही जादू था। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं। उसकी बातों में दर्द समझने वाली गहराई थी, जो सिर्फ इलाज नहीं, एहसास भी बांटती है। पुराने जमाने की सजावट बहुत खूबसूरत है।
कमरे में शोर सुनकर राजकुमार को लगा कोई बढ़ई आया है, पर असलियत कुछ और ही थी। उस युवती ने बिना किसी बड़े संसाधन के जो जुगाड़ बनाया, वह कमाल का है। घिरनी और रस्सियों वाला यह उपकरण साधारण लगता है पर असरदार है। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण है। राजकुमार का गुस्सा धीरे धीरे पिघल रहा है। जब उसने कहा कि मुझे आपका दर्द दिखता है, तो स्क्रीन पर सन्नाटा छा गया। बहुत गहरा दृश्य है।
शुरू में राजकुमार का व्यवहार थोड़ा कठोर लगा, पर उसकी मजबूरी भी समझ आती है। वह किसी अनजान पर भरोसा नहीं करना चाहता था। युवती ने घुटनों पर बैठकर जो विनती की, उसमें विनम्रता थी। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में पात्रों के बीच की यह कशमकश देखने लायक है। कार्यशाला वाला दृश्य बहुत ही अनोखा है। वहां का प्रकाश और सजावट कहानी को आगे बढ़ाती है। उम्मीद है राजकुमार की तांगें ठीक हो जाएंगी।
सबसे अच्छी बात यह थी कि युवती ने इलाज से पहले दर्द को पहचाना। राजकुमार को लगता है कि यह मजाक है, पर उसकी नीयत साफ़ है। उसने अकेले इतना बड़ा प्रबंध किया, यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में भावनात्मक पल बहुत खूबसूरती से पिरोए गए हैं। चिकित्सक की सलाह मानकर उसने जो बनाया, वह सराहनीय है। अब देखना है यह जुगाड़ कितना कारगर साबित होता है।
महल के उपकरणों जैसा भले न हो, पर यह साधारण सामान ज्यादा असरदार लग रहा है। राजकुमार की जिद और युवती की जिद्द का टकराव बहुत दिलचस्प है। वह उसे धक्का देते हुए ले जाती है, जैसे कोई राज खोलने ले जा रही हो। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में ऐसे दृश्य बार बार देखने को मन करता है। लकड़ी का बना ढांचा देखकर राजकुमार हैरान रह गया। उसकी आँखों में अब शक नहीं, सवाल थे। यह बदलाव बहुत धीमे और सुंदर तरीके से दिखाया गया है।
राजकुमार ने साफ़ चेतावनी दी थी कि अगर यह मजाक लगा तो सजा मिलेगी। यह खतरनाक खेल है पर युवती डरी नहीं। उसका आत्मविश्वास देखकर लगता है कि उसे अपनी कला पर भरोसा है। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना की पटकथा में यह जोखिम उठाने वाला पल बहुत रोमांचक है। पीछे खड़ा बुजुर्ग व्यक्ति चुपचाप सब देख रहा था। माहौल में तनाव था पर उम्मीद भी थी। अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना आसान नहीं होता, खासकर जब आप कमजोर महसूस कर रहे हों। राजकुमार की स्थिति बहुत नाजुक है। युवती ने समझदारी से बात की कि अगर मैं आपकी जगह होती तो मैं भी भरोसा न करती। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में संवाद बहुत वजनदार हैं। यह स्वीकारोक्ति राजकुमार के गुस्से को शांत कर गई। कार्यशाला का दृश्य बहुत ही रचनात्मक है। पुराने जमाने की बनावट का कमाल देखने को मिलता है।
अंधेरे कमरे से निकलकर जब वह कार्यशाला में पहुंचे, तो रोशनी और नए उपकरणों ने माहौल बदल दिया। राजकुमार की सांसों में रुकावट और आँखों में चमक साफ़ दिखी। युवती ने कहा कि अभी उस पर ध्यान न दें। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में धैर्य और उम्मीद का यह संदेश बहुत प्यारा है। सीधे परिणाम की बात न करके उसने प्रक्रिया पर जोर दिया। यह समझदारी की निशानी है। कपड़े और सजावट बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक लग रहे हैं।
पीछे खड़ा नौकर या सलाहकार चुपचाप सब देख रहा था, उसे भी नहीं पता था कि क्या होने वाला है। राजकुमार की कुर्सी के पहिए जब लकड़ी के फर्श पर चले, तो आवाज गूंज उठी। युवती का हाथ राजकुमार के कंधे पर था, जो सहारे का प्रतीक था। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना में छोटे छोटे इशारे बड़ी कहानी कहते हैं। उसने कहा कि मुझे आपका दर्द दिखता है, यह पंक्ति दिल को छू गई। ऐसा लगा जैसे किसी ने अंदर तक झांक लिया हो।
एक महीने बाद की यह मुलाकात बहुत अहम साबित होने वाली है। राजकुमार ने किताब पढ़ने का नाटक किया था, पर उसका ध्यान कहीं और था। अब जब असली खेल शुरू हुआ है, तो रोमांच बढ़ गया है। डब्ड मुझे खोने के बाद तेरा रोना की रफ़्तार अब तेज होगी। युवती की मेहनत रंग लाएगी या राजकुमार का शक जीतेगा, यह देखना बाकी है। मंच सजावट और कलाकारों के अभिनय ने जान डाल दी है। बिल्कुल असली लग रहा है सब कुछ।
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