बारिश का वो सीन दिल को छू गया। जब वह दरवाजे की घंटी बजते ही दौड़ी, लगा जैसे सांसें रुक गई हों। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड ने फिर से साबित कर दिया कि भावनाएं कितनी गहरी हो सकती हैं। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर बेचैनी देखकर मैं भी रो पड़ी। काश हमारे प्यार में भी ऐसा जुनून हो। यह शो देखने के बाद मन बहुत भारी हो गया।
शुरू में वह तौलिए में था, फिर अचानक गायब। जब स्क्रीन पर उसकी शक्ल दिखी तो हैरानी हुई। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड की कहानी में हर मोड़ पर नया बदलाव है। भीगती हुई लड़की का दरवाजा खोलना और बाहर भागना बहुत नाटकीय था। मौसम का मिजाज भी उनके रिश्ते जैसा था। ऐसे पल बार बार देखने को मिलें तो अच्छा लगे।
सोफे पर बैठकर रोने वाला सीन बहुत दर्दनाक था। उसकी आवाज़ में जो कंपन था, वह असली लग रहा था। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड में अभिनय इतना बेहतरीन है कि हम खुद को उसकी जगह पाते हैं। जब वह बाहर मिले, तो लगा जैसे समय थम गया हो। बारिश में भीगना कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक जरूरत बन गई थी उनके लिए।
गेट के पास खड़ा वह शख्स कोई और नहीं, वही था। लड़की की घबराहट साफ दिख रही थी। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड ने रिश्तों की नाजुकता को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। कैमरा एंगल्स और लाइटिंग ने माहौल को और भी गहरा बना दिया। मुझे लगा मैं भी वहीं खड़ी हूं और उन्हें देख रही हूं। ऐसा कंटेंट बहुत कम मिलता है।
आंसू और बारिश का मेल हमेशा दिल तोड़ने वाला होता है। उसने जब उसे गले लगाने की कोशिश की, तो लगा सब ठीक हो जाएगा। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड की कहानी में उतार चढ़ाव बहुत हैं। हर एपिसोड के बाद हम कुछ नया उम्मीद करते हैं। इन दोनों के बीच की दूरी अब कम होगी या बढ़ेगी, यह देखना बाकी है।
घर का माहौल बहुत अमीराना था, पर दिल उदास थे। जब वह दौड़कर बाहर गई, तो लगा जैसे कोई रुकावट नहीं है। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड में दिखाया गया प्यार साधारण नहीं है। उसकी भीगी हुई शर्ट और उसके गीले बाल सब कुछ कह रहे थे। दर्शक के रूप में मैं बस यही चाहती हूं कि ये दोनों साथ रहें।
वीडियो कॉल पर चेहरा देखकर जो खुशी हुई, वह शब्दों में नहीं बता सकती। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड ने तकनीक और इंसानियत का अच्छा मिश्रण दिखाया है। वह लड़का चुपचाप खड़ा था, जैसे कोई गलती सुधारने आया हो। इनके संवाद कम थे पर आंखों की बातें बहुत थीं। मुझे यह जोड़ी बहुत पसंद आ रही है।
अंधेरा कमरा और बाहर तूफान, बिल्कुल इनके दिल जैसा। जब वह सोफे से उठी, तो लगा अब कुछ बड़ा होने वाला है। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड की रफ्तार बहुत सही है। न बहुत तेज, न बहुत धीमी। हर पल का अपना वजन है। मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि आगे क्या होता है।
उसकी आंखों में जो डर था, वह साफ झलक रहा था। शायद उसे लगा था वह वापस नहीं आएगा। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड में सस्पेंस बना रहता है। जब दोनों आमने सामने आए, तो हवा में बिजली सी कौंध गई। ऐसे रोमांटिक ड्रामा देखकर ही मन को सुकून मिलता है। बहुत ही खूबसूरत तरीके से कहानी कही गई है।
आखिरकार वह मिल ही गए, भीगते हुए भी उनके चेहरे पर चमक थी। मेरा परफेक्ट एंड्रॉयड ने दिखाया कि प्यार में सब कुछ मुमकिन है। घर के अंदर की खामोशी और बाहर का शोर एक दूसरे के विपरीत थे। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है और मैं इसे सबको सुझाव दूंगी।
इस एपिसोड की समीक्षा
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