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Racing Ka Junoon

Pehle world champion Reyansh Kapoor ne ek race mein galti ki jiski wajah se uske father ki maut ho gayi. Usne racing chhod di aur sister Navya ko paalna shuru kiya. Navya badla lena chahti hai, lekin Samar Khanna uski team ko dhoka deta hai. Navya ko bachane ke liye Reyansh wapas aata hai, apni skills dikhata hai, aur world race qualify karta hai. Final race world champion Kenji ke khilaf hai. Kya Reyansh apni past ki galti sudhaar paayega aur world champion banega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंखों की जुबानी

रेसिंग पथ पर उनकी आंखों की टकराहट में बिजली सी दौड़ गई थी। लग रहा था कि कुछ अनकहा बहुत कुछ है बीच में। जब उसने हाथ बढ़ाया तो उसका इनकार सब कह गया। रेसिंग का जुनून ने इस दुश्मनी को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। पिट क्षेत्र से सड़क तक का सफर उनके रिश्ते की गहराई बताता है। हर संवाद बिना बोले समझ आ रहा था।

बारिश में हीरो

बारिश में अकेले चलते हुए जब वो गिरी तो दिल दुख गया। ठीक उसी वक़्त नायक की एंट्री हुई। बाइक का स्किड और पानी का छपाका देखते ही बनता था। उन गुंडों के होश उड़ गए। बचाने वाला वही था जिससे वो नाराज़ थी। ये विरोधाभास ही कहानी की जान है। बहुत रोमांचक मोड़ था।

टूटा हुआ चेहरा

उसका चेहरा जब वो वहां से मुड़ी तो टूटा हुआ लग रहा था। इतना गुस्सा और इतनी चोट एक साथ। रात का अंधेरा और भीगती सड़कें उसके दर्द को बढ़ा रही थीं। जानना चाहता हूं कि आखिर हुआ क्या था इनके बीच। अभिनय बहुत दमदार लगा। आंखों में आंसू साफ दिख रहे थे।

गुंडों की धुलाई

वो तीन गुंडे सच में बहुत चिढ़ाने वाले थे। फूलों वाले शर्ट वाले लीडर की शक्ल देखकर ही नफरत आई। लेकिन जब बाइक की रोशनी जली तो इनके रंग ढंग बदल गए। डर के मारे गिर पड़े सड़क पर। बदला बहुत मज़ेदार था। कांटों भरा रास्ता था पर अंत अच्छा हुआ।

रात का माहौल

रात के दृश्य की रोशनी बहुत मूडी थी। सड़क पर पानी की परछाइयों ने नाटक बढ़ा दिया। रेसिंग का जुनून की दृश्य शैली कमाल का है। उसके चेहरे के नज़दीकी दृश्य में सिर्फ दर्द दिखाई दिया। छायांकन ने कहानी को और गहरा किया। माहौल बहुत तनावपूर्ण था।

खामोशी की ताकत

उसने एक शब्द नहीं बोला पर हर हरकत में फिक्र साफ थी। हेलमेट धीरे से उतारना कोई ताकतवर कदम से कम नहीं था। उसकी आंखों में चिंता साफ झलक रही थी। काश अब ये दोनों बात करें। इंतज़ार नहीं हो रहा अगली कड़ी का। चुप्पी भी बहुत कुछ कह गई।

बाइक की एंट्री

वो मोटरसाइकिल की एंट्री किंवदंती जैसी थी! आवाज़, पानी का छपाका, सब कुछ सिनेमाई था। इसने गतिशीलता को पलट दिया। जैसे ही वो पहुंचा वो सुरक्षित हो गई। एक्शन क्रम बहुत शानदार बनाया गया है। नायक की वापसी धमाकेदार थी।

रिश्ते की उलझन

ये दुश्मन हैं या प्रेमी? लाइन बहुत धुंधली है यहां। रेसिंग पथ पर ठुकराती है पर सड़क पर बचाता है। रेसिंग का जुनून हमें अंदाज़ा नहीं लगने देता। यही जटिलता इसे देखने लायक बनाती है। रिश्ते की परत बहुत गहरी है। कन्फ्यूजन बना हुआ है।

गिरने का दर्द

जब वो भीगी सड़क पर गिरी तो वो दर्द महसूस हुआ। ये उसके सबसे निचले पल को दर्शाता था। लेकिन उसके उठने में भी ताकत थी। मुख्य अभिनेत्री ने बहुत अच्छा काम किया है। भावनाओं को बयां करना आसान नहीं होता। संघर्ष साफ झलक रहा था।

कहानी में जान

रेसिंग गियर से सादे कपड़ों तक का बदलाव बहुत सरल था। कहानी तेज़ चलती है पर भावनात्मक गहराई बनी रहती है। नाटक पसंद करने वालों के लिए श्रेष्ठ है। इनके बीच के लगाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। कहानी में जान है।