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Racing Ka Junoon

Pehle world champion Reyansh Kapoor ne ek race mein galti ki jiski wajah se uske father ki maut ho gayi. Usne racing chhod di aur sister Navya ko paalna shuru kiya. Navya badla lena chahti hai, lekin Samar Khanna uski team ko dhoka deta hai. Navya ko bachane ke liye Reyansh wapas aata hai, apni skills dikhata hai, aur world race qualify karta hai. Final race world champion Kenji ke khilaf hai. Kya Reyansh apni past ki galti sudhaar paayega aur world champion banega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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अंधेरे में दौड़

बिना देखे बाइक चलाना कोई मज़ाक नहीं है। इस सीन में जो जोखिम दिखाया गया है वो असली जुनून को दर्शाता है। कोच का चेहरा देखकर लग रहा था कि वो चिंतित हैं लेकिन रुक नहीं सकते। रेसिंग का जुनून ने इस सीन के जरिए दिखाया कि जीतने के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ती है। मिट्टी और पसीने की खुशबू तक महसूस हुई।

टकराव और जिद

दो राइडर्स के बीच की प्रतिस्पर्धा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। ये सिर्फ रेस नहीं बल्कि अहंकार की लड़ाई लग रही थी। गिरने के बाद भी हार न मानना ही असली खेल है। रेसिंग का जुनून में ऐसे ड्रामा की उम्मीद नहीं थी पर बहुत अच्छा लगा। टीम के लोग चुपचाप सब देख रहे थे जो तनाव बढ़ा रहा था।

गिरकर संभलना

जब वो बाइक से गिरी तो लगा सब खत्म हो गया। लेकिन उठकर फिर से तैयार होना ही हीरो वाली बात है। कपड़ों पर लगा कीचड़ उनकी मेहनत का सबूत था। रेसिंग का जुनून ने साबित किया कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। इस तरह के स्टंट देखकर हिम्मत बढ़ती है। बहुत ही दमदार सीन था ये।

कोच का दबाव

कोच की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वो जानते थे कि ये खतरनाक है पर रोक भी नहीं सकते। टीम की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। रेसिंग का जुनून में कैरेक्टर की गहराई अच्छी दिखाई गई है। हर किसी के चेहरे पर अलग अलग भाव थे। ये डायनामिक्स बहुत इंटरेस्टिंग हैं।

आंखों पर पट्टी

आंखों पर पट्टी बांधना पागलपन लग सकता है पर ये ट्रस्ट का टेस्ट था। बिना देखे रास्ता तय करना आसान नहीं होता। इंजन की आवाज़ ही सहारा थी। रेसिंग का जुनून ने इस चैलेंज को बहुत अच्छे से पेश किया है। सस्पेंस बना हुआ था कि क्या वो सफल होंगी। देखने वाले की सांसें रुक गई थीं।

कीचड़ और गर्व

चेहरे पर लगा कीचड़ हटाने के बजाय उन्होंने आगे बढ़ना चुना। ये सीन बहुत इमोशनल था। हार नहीं मानना ही असली जीत है। रेसिंग का जुनून में ऐसे मोटिवेशनल पल कम ही देखने को मिलते हैं। टीम के सदस्यों का साथ भी सराहनीय था। सब एक दूसरे के लिए खड़े थे।

टीम की ताकत

अकेले रेस करना आसान है पर टीम के साथ जिम्मेदारी बढ़ जाती है। नीली वर्दी में सब एक जैसे लग रहे थे पर हर किसी का रोल अलग था। रेसिंग का जुनून में टीम वर्क को अच्छे से दिखाया गया है। कोच और राइडर्स के बीच का तालमेल देखने लायक है। ये सिर्फ खेल नहीं परिवार जैसा है।

खतरनाक खेल

मोटोक्रॉस इतना खतरनाक होगा ये नहीं पता था। बिना सुरक्षा के कुछ नहीं किया जा सकता। फिर भी ये जोश देखकर मज़ा आया। रेसिंग का जुनून ने स्पोर्ट्स की असली तस्वीर दिखाई है। डर के आगे ही जीत है वाली कहावत यहाँ सच होती है। हर मोड़ पर नया खतरा था।

जिद और जुनून

किसी की बात न सुनना और अपनी धुन में चलना कभी कभी जरूरी होता है। राइडर ने साबित किया कि वो सही है। रेसिंग का जुनून में किरदार बहुत मज़बूत हैं। डायलॉग कम थे पर एक्शन सब कह गया। ऐसे शो देखकर ही समय सार्थक लगता है। अगला एपिसोड कब आएगा।

आखिरी फैसला

अंत में सब चुपचाप खड़े थे जैसे कोई बड़ा फैसला होना बाकी हो। माहौल में गंभीरता साफ झलक रही थी। रेसिंग का जुनून का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार होने वाला है। इंतज़ार करना मुश्किल हो रहा है। हर सीन में नया ट्विस्ट है। ये शो बिल्कुल निराश नहीं करता।