छोटी बच्ची की आँखों में जो गंभीरता है वो उसकी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व लगती है। सफेद और नीले कपड़े उसे भीड़ में बिल्कुल अलग बनाते हैं। तलवारबाज का गुस्सा साफ दिख रहा है। अच्छी दवा मीठी होती है वाली कहावत यहाँ कड़वे सच पर लागू होती है। बारिश में भीगता आंगन माहौल को और भारी बना रहा है। देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हर पल रोमांच से भरा है।
काले कपड़े वाले व्यक्ति की पकड़ तलवार पर बहुत मजबूत और दृढ़ है। उसके कपड़ों पर सुनहरी कढ़ाई बहुत खूबसूरत और महंगी लग रही है। फर वाले के मुँह से खून बह रहा है फिर भी वो झुक नहीं रहा। अच्छी दवा मीठी होती है का मतलब यहाँ समझ आ रहा है। संघर्ष का माहौल बहुत तनावपूर्ण और गंभीर है। एक्शन दृश्यों की उम्मीद बढ़ गई है।
सफेद पोशाक वाली महिला के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है। उसके हाथ में तलवार का म्यान है पर वो लड़ने को तैयार नहीं लग रही। पीछे खड़े शिष्य सब चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। अच्छी दवा मीठी होती है जैसे इस कहानी का मूल मंत्र हो। कैमरा कोण बहुत ही ड्रामेटिक और सुंदर हैं। हर फ्रेम में कहानी छिपी है।
इस दृश्य में बारिश का पानी जमीन पर जमा हुआ है जो दुख को दर्शाता है। छोटी बच्ची बिना पलक झपकाए सबको देख रही है। लगता है वो किसी बड़ी शक्ति का प्रतीक है। अच्छी दवा मीठी होती है वाली लाइन यहाँ बहुत फिट बैठती है। कपड़ों का डिजाइन बहुत ही पारंपरिक और शानदार है। देखने में बहुत मजा आ रहा है।
तलवारबाज की आँखों में जो ठंडक है वो खतरनाक लग रही है। वो बिना कुछ बोले ही अपना रुतबा जता रहा है। सामने वाला व्यक्ति चुनौती दे रहा है पर कमजोर पड़ गया है। अच्छी दवा मीठी होती है का संदेश इस लड़ाई में छिपा है। धुएं का प्रभाव जादुई शक्ति को दर्शाता है। दृश्य बहुत ही प्रभावशाली हैं।