इस कहानी में छोटी बच्ची की मासूमियत देखकर दिल पिघल जाता है। जब वह मिठाई खा रही थी, तब लगा जैसे अच्छी दवा मीठी होती है वाली कहावत सच हो रही हो। लेकिन जब उसे खतरा होता है, तो उसकी आंखों में एक अलग ही चमक दिखाई देती है। बाल्ड योद्धा उसकी रक्षा के लिए तैयार खड़ा है। यह रिश्ता बहुत प्यारा लग रहा है। दर्शक इस बंधन को देखकर भावुक हो जाएंगे। हर पल नया लगता है।
शुरू में लगता था कि यह बाल्ड योद्धा कोई खलनायक है, लेकिन बाद में पता चला कि वह कितना वफादार है। जब उसने उन गुंडों को डांटा, तो मजा आ गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार देखना सुकून देता है। उसकी आंखों में गुस्सा और बच्ची के प्रति प्यार साफ झलक रहा था। ऐसे सीन बार बार देखने को मन करता है। यह कार्यक्रम सबसे अलग है। अच्छी दवा मीठी होती है का संदेश भी है।
उस महिला की चिंता देखकर लगता है कि वह बच्ची की मां है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। परिवार की सुरक्षा के लिए वह कुछ भी कर सकती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि अच्छी दवा मीठी होती है, लेकिन वक्त पर कठोर फैसले भी जरूरी होते हैं। भावनात्मक दृश्य बहुत प्रभावशाली थे। हर कोई इससे जुड़ सकता है। कहानी दिल को छूती है।
दीवार पर लिखा संदेश बहुत गहरा अर्थ रखता है। इस सीरीज में एक्शन के साथ साथ संस्कार भी दिखाए गए हैं। जब बाल्ड योद्धा ने अपनी ताकत दिखाई, तो पूरा माहौल बदल गया। रात के दृश्य की लाइटिंग भी बहुत अच्छी थी। नेटशॉर्ट ऐप पर क्वालिटी कंटेंट मिलना दुर्लभ है, लेकिन यह कार्यक्रम बेहतरीन है। तकनीकी पक्ष भी मजबूत है। अच्छी दवा मीठी होती है जैसा अनुभव है।
बच्ची और बाल्ड योद्धा का मिठाई खाते हुए सीन बहुत क्यूट था। ऐसा लगा जैसे अच्छी दवा मीठी होती है वाली बात वहीं लागू हो रही हो। बच्ची की हरकतें देखकर हंसी आ रही थी। लेकिन अचानक मोड़ आया जब बाहर शोर हुआ। यह कहानी बताती है कि खुशी के पल कितनी जल्दी बदल सकते हैं। मुझे यह जोड़ी बहुत पसंद आई। यह पल यादगार बन गया। सबको देखना चाहिए।