शुरुआत ही धमाकेदार हुई जब लाल सूट वाले ने वाइन ग्लास तोड़ दिया। गुस्सा साफ दिख रहा था उसके चेहरे पर। नीली पोशाक वाली लड़की बिल्कुल शांत खड़ी थी। ऐसा लग रहा था जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बहुत ही तीव्र दृश्य था यह।
जब उस लड़की की आंखें नीली चमकने लगीं, तो मैं हैरान रह गया। यह कोई साधारण नाटक नहीं लग रहा था। अलौकिक शक्ति का इशारा मिल रहा था। लाल सूट वाले को शायद नहीं पता था कि उसे किससे पंगा ले लिया है। असली वारिस, सच्ची जीत की कहानी में यह मोड़ बहुत गजब का था।
हृदय गति यंत्र वाला दृश्य बहुत अनोखा था। एक सौ पचासी धड़कन पर मिनट और नब्बे नौ दशमलव नौ प्रतिशत बीमारी का खतरा। यह तकनीक या जादू था? फिल्म में यह दृश्य प्रभाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसे तत्व कहानी को नया आयाम देते हैं। दिल की धड़कन तेज हो गई देखकर।
लाल सूट वाला अचानक जमीन पर गिर गया और सब लोग घबरा गए। जो लड़की शांत खड़ी थी, वही अब उसकी मदद कर रही थी। रिश्तों की यह उलझन बहुत दिलचस्प है। क्या वह उसे बचा पाएगी? असली वारिस, सच्ची जीत में हर पल नया रहस्य बना रहता है। देखने वाले की सांसें रुक जाती हैं।
डॉक्टर के भागते हुए आने का दृश्य बहुत आपातकालीन था। सबकी सांसें थम गई थीं। बंगले के बाहर का माहौल एकदम से बदल गया। समारोह से लेकर चिकित्सा आपातकालीन स्थिति तक का सफर बहुत तेज था। असली वारिस, सच्ची जीत की रफ्तार देखते ही बनती है। हर कोई चिंतित दिखाई दे रहा था।