PreviousLater
Close

कैंची का जादूगरवां41एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

कैंची का जादूगर

राहुल, एक साधारण नाई, कभी "बिना नाम का हत्यारा" था। अपनी पत्नी कुसुम को बचाने के लिए वह अपनी कैंची से दुनिया के सबसे खतरनाक हत्यारों को हरा देता है। लेकिन जब उसके अतीत का राज खुलता है, तो सब उसके खिलाफ हो जाते हैं। केवल कुसुम उसके लिए खुद को कुर्बान कर देती है। राहुल पागल होने लगता है, लेकिन एक संत उसे रास्ता दिखाता है। वह अपनी कैंची कला से जाल संगठन को हरा देता है और फिर से अपनी छोटी सी दुकान पर लौट आता है, जहाँ वह सिर्फ एक नाई बनकर रहता है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

तनाव से भरा पल

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। सफेद पोशाक वाले की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा है। कैंची का जादूगर की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। काली साड़ी वाली ने जब तलवार के आगे कदम रखा, तो दिल दहल गया। चमड़े के कोट वाले की बेबसी देखकर बुरा लगा। मंच सजावट और रोशनी ने माहौल को और भी गहरा बना दिया है। हर पल में कुछ बड़ा होने वाला है। यह क्षण यादगार बन गया है। दर्शक स्तब्ध हैं। सब हैरान हैं।

साहस की मिसाल

काली साड़ी वाली की हिम्मत को सलाम है। उसने बिना डरे खतरे का सामना किया। कैंची का जादूगर में ऐसे पल बार बार नहीं आते। सफेद पोशाक वाले शख्स का रवैया बहुत घमंडी लग रहा था। तलवार की नोक पर खड़ी होकर भी उसने पीछे हटना मंजूर नहीं किया। भावनाओं का यह टकराव बहुत शक्तिशाली लगा। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें साहस दिखाया गया है। सबकी नजरें उसी पर टिकी थीं। कोई हिला नहीं।

आंखों का दर्द

चमड़े के कोट वाले किरदार की आंखों में दर्द साफ झलक रहा है। वह कुछ कहना चाहता है पर शब्द नहीं मिल रहे। कैंची का जादूगर की पटकथा में यह संघर्ष बहुत अच्छे से दिखाया गया है। सफेद पोशाक वाले की धमकी के बीच भी वह डटा हुआ है। दोस्तों के बीच की यह लड़ाई देखकर दिल दुखी हो गया। अभिनय इतना असली लगा कि मैं खुद को रोक नहीं पाया। बिल्कुल देखने लायक है। हर कार्रवाई सही जगह पर है। प्रभाव गहरा है।

रहस्यमयी माहौल

कमरे का माहौल बहुत ही रहस्यमयी बनाया गया है। पीछे खड़े गुप्तचर भी खतरे का संकेत दे रहे हैं। कैंची का जादूगर में ऐसे दृश्य बारिश की तरह आते हैं। मोमबत्तियों की रोशनी में तलवार की चमक और भी डरावनी लग रही थी। सफेद पोशाक वाले ने जब तलवार उठाई तो सबकी सांसें थम गईं। यह दृश्य सिर्फ झड़प नहीं बल्कि जज्बातों की लड़ाई भी है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है। देखकर रोंगटे खड़े हो गए। माहौल गंभीर है।

अप्रत्याशित मोड़

कहानी में यह मोड़ बिल्कुल अप्रत्याशित था। किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा कदम उठाएगा। कैंची का जादूगर के दर्शक इस पल के लिए बेताब थे। सफेद पोशाक वाले की नफरत साफ झलक रही है। चमड़े के कोट वाले ने चुप रहकर भी सब कुछ कह दिया। हर किरदार की अपनी मजबूरी है जो स्क्रीन पर दिख रही है। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आई। आगे क्या होगा यह जानना जरूरी है। कथा बहुत रोचक है। सब देख रहे हैं।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down