रोहन शर्मा की मेहनत देखकर दिल खुश हो गया। जब वो छोटी रिया शर्मा के लिए रोबोट बना रहा था, तो आंखें नम हो गईं। यह कहानी सिर्फ तकनीक की नहीं, बाप बेटी के प्यार की है। मेरे पापा, देश के हीरो ने सही मायने में दिल जीत लिया। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा।
वर्कशॉप का माहौल बहुत असली लगा। रोहन शर्मा के हाथों में चोट के निशान देखकर मेहनत का अंदाजा हुआ। जब वो बड़ा रोबोट तैयार हुआ, तो रोंगटे खड़े हो गए। मेरे पापा, देश के हीरो जैसी सीरीज कम ही देखने को मिलती है। एनिमेशन क्वालिटी भी शानदार है।
रिया शर्मा की मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया। जब उसने रोबोट को देखकर उंगली उठाई, तो लगा सब मेहनत सफल हुई। रोहन शर्मा की मुस्कान देखकर सुकून मिला। इस शो ने परिवार के रिश्तों को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। मेरे पापा, देश के हीरो देखने लायक है।
होलोग्राफिक स्क्रीन और रोबोट का डिजाइन बहुत फ्यूचरिस्टिक लगा। रोहन शर्मा की तकनीकी समझ देखकर हैरानी हुई। मेरे पापा, देश के हीरो में विज्ञान और भावनाओं का अच्छा मिश्रण है। ऐसे किरदार प्रेरणा देते हैं। कहानी बहुत आगे बढ़ती है।
शुरुआत में जब लोग शक की नजर से देख रहे थे, तो गुस्सा आया। पर रोहन शर्मा ने हार नहीं मानी। अंत में जब सब कुछ तैयार हुआ, तो खुशी हुई। यह संघर्ष की कहानी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी कहानियां मिलना सुखद है। मेरे पापा, देश के हीरो बेहतरीन है।